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पेरोल मिलने के बाद भी जेल से बाहर आने को तैयार नहीं कैदी

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पेरोल मिलने के बाद भी जेल से बाहर आने को तैयार नहीं कैदी
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झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर की भयावहता से तमाम लोग दहशत में हैं। इन्हीं में से एक है जेल में निरुद्ध बंदी। जी हां, इस बंदी की पेरोल स्वीकृत की जा चुकी है। बावजूद, वो बाहर आने को राजी नहीं है। बंदी ने जेल प्रशासन से स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना महामारी के पूरी तरह से खत्म होने के बाद ही वो बाहर आएगा।
जेल में निरुद्ध शायद ही कोई ऐसा बंदी हो जो बाहर नहीं आना चाहता है। लेकिन, इनमें से एक बंदी अपवाद बना हुआ है। ये बंदी फर्जी अंक पत्र के सहारे सशस्त्र बल में शामिल हो गया था। बाद में इसकी पोल खुली तो धोखाधड़ी पकड़ी गई। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। न्यायालय ने एक साल की सजा सुनाई। 11 नवंबर 2020 से ये जेल में निरुद्ध है। हाल ही में कोरोना काल में जेल में बंदियों की संख्या कम करने के लिए तमाम बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया। 14 मई को इसकी भी पैरोल स्वीकृत हो गई। लेकिन, इससे बाहर आने से हाथ खड़े कर दिए। बंदी ने जेल प्रशासन से स्पष्ट कर दिया कि जब तक कोरोना वायरस की बीमारी पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाएगी, तब तक वो बाहर नहीं जाएगा। बंदी का कहना है कि बाहर की जगह वो अपने आप को जेल में ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहा है।
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बंदी की पेरोल स्वीकृत हो चुकी है। लेकिन, वो कोरोना के डर से अभी बाहर नहीं जाना चाहता है। उसकी समझाया गया, परंतु वो माना नहीं। ऐसे में वो अभी जेल में ही है।
- रंग बहादुर पटेल, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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