अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी समेत आसपास के इलाकों में लगातार बारिश होने से पहूज समेत कई छोटी नदियां भी उफना उठी हैं। पिछले कुछ साल के दौरान शनिवार को पहूज नदी सबसे अधिक उफान पर दिखी। धसान एवं सुखनई नदी में भी तेज बहाव रहा। शनिवार देर रात तक पारीछा बांध से 1.20 लाख क्यूसेक जबकि लहचूरा बांध से 1.42 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। नदियों के उफनाने से तीन दर्जन से अधिक रपटे पानी में डूब गए। इससे आसपास के 49 गांवों में आवागमन ठप पड़ गया। हालांकि, अभी बेतवा नदी के बहाव में तेजी नहीं आई है।
पिछले 15 दिनों से झांसी समेत आसपास के इलाकों में तकरीबन रोजाना बारिश हो रही है। इससे नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। शनिवार को भी तड़के बारिश शुरू हुई, जो देर रात तक चलती रही। पहूज में बहाव तेज होने से रक्सा, बेदौरा, बबीना, भांडेर की ओर रपटे पानी में डूब गए। उधर, शनिवार सुबह लहचूरा बांध के भी गेट खोलकर 1,12,400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे धसान नदी के बहाव में तेजी आई। देर रात तक पानी तेज होने 1,42,400 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। पहूज बांध एवं पहाड़ी बांध से भी पांच हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। बाढ़ नियंत्रण प्रभारी बृजेश पोरवाल के मुताबिक, अभी बहाव में तेजी आने की उम्मीद बनी हुई है।
इनसेट
रपटा डूबने पर बांस-बल्ली लगाकर बंद कराया अवागमन
यूपी-एमपी बार्डर के भांडेर सीमा पर पहूज नदी के रपटे के ऊपर से बहाव होने पर अवागमन बंद करा दिया गया। स्थानीय पुलिस ने रपटा डूबने पर वहां बांस-बल्ली लगा दी। थाना प्रभारी संदीप वर्मा के मुताबिक, रपटे पर पानी भरे होने के बावजूद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर इसे पार कर रहे थे। इससे दुर्घटना की आशंका बन गई। उनका कहना है कि जलस्तर सामान्य न होने तक रपटा बंद रखा जाएगा।
अलर्ट : नदी एवं बांध के किनारे न जाने की सलाह
प्रशासन ने कंट्रोल रूम का नंबर किया जारी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रशासन ने नदियों के तेज बहाव को देखते हुए उसके एवं बांध के किनारे लोगों को न जाने की सलाह दी है। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बताया कि भारी बारिश के चलते कई बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे जनपद के कई गांव के प्रभावित होने की संभावना है। खास तौर से नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बरती जाए। ग्राम प्रधान, ग्राम निगरानी समिति, लेखपाल, सचिव को सतर्क कर दिया गया है। बारिश में क्षतिग्रस्त कच्चे-पक्के मकानों को चिह्नित करते हुए कार्रवाई की बात कही। नदी तट पर स्थित गो-आश्रय स्थल पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। आपात स्थिति के लिए कलेक्ट्रेट स्थित जनपदीय जन सुविधा केंद्र में कंट्रोल रूम 0510-2371100 एवं 2371199 पर सूचना दी जा सकती है।
नदी किनारे स्थित इन गांवों के लिए अलर्ट
पठगुवां, बम्हौरी सुहागी, देवरीसिंह पुरा, भकोरो, पचोरो, खरकासानी, रजपुरा, उल्दन, लुहरगांव, अतपेई, नवादा, सकरार, घाट लहचूरा, नयागांव, बरुआमाफ, तिलैरा, खनुवां, खंदकरा, इटायल, स्यावरी, रेवन, बुढ़ाई, बचेतरा, भानपुरा, खकौरा, विरगुवां, महेवा, मुराटा, घुसगुवा, देवरा, रामनगर, देदर, चेलरा समेत अन्य।