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Jhansi News: ओवरलोड वाहनों ने बिगाड़ी 40 करोड़ की सड़कों की सूरत, जुर्माना सिर्फ 16 करोड़

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संवाद न्यूज एजेंसी



झांसी। परिवहन विभाग की सख्ती के बावजूद ओवरलोड वाहनों का चक्का सड़कों पर दिन-रात घूम रहा है। यही कारण है कि ओवरलोड वाहन दौड़ने से 40 करोड़ रुपये की लागत से बनी खनन क्षेत्र की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि पूरे मंडल में ओवरलोड वाहनों से जुर्माना 16 करोड़ रुपये ही वसूला गया। सबसे ज्यादा खराब स्थिति खनिज स्थलों से निकलने वाली सड़कों की है।



परिवहन विभाग ने एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक संभागीय स्तर पर झांसी, जालौन और ललितपुर में कुल 2392 ओवरलोड वाहनों को सीज किया और इनसे करीब 16 करोड़ 17 लाख 32000 रुपये जुर्माना वसूला गया। सबसे ज्यादा कार्रवाई जालौन जिले में हुई। यहां 1163 वाहन सीज किए गए और इनसे 10 करोड़ 78 लाख रुपये वसूल किए गए। इसके बावजूद, ओवरलोडिंग नहीं रुकी। हाल यह है कि झांसी के साथ-साथ जालौन और ललितपुर की कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं।
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जिले में खनन क्षेत्र से जुड़ी करीब 20 सड़कें हैं, जिनकी दूरी औसतन 5 से 10 किलोमीटर है। ओवरलोड वाहनों से चलते अधिकतर सड़कें जर्जर हो गई हैं। लागत की बात करें तो विभाग 15 से 20 लाख रुपये प्रति किलोमीटर सड़क के निर्माण पर खर्च करता है। इस लिहाज से इन सड़कों के खराब होने से विभाग को करीब 40 करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान है। पूरे मंडल में ओवरलोड वाहनों के चलते सड़कें खराब होने से नुकसान का आंकड़ा 100 करोड़ से ज्यादा का हो सकता है।
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बॉक्स में -



इन सड़कों की हालत ज्यादा खराब



झांसी-खजुराहो हाईवे से ग्राम सितौरा खरका पहुंच मार्ग।



चिरगांव क्षेत्र में लोहारगांव से वरौल की ओर जाने वाला संपर्क मार्ग।



खरवांच धमनौड़ से ककरबई को जोड़ने वाली सड़क के साथ धनौरा रोड।



- बबीना स्थित मनकुवां रोड, मोंठ क्षेत्र में पनारी, कुकरगांव से समशेरपुरा तक की सड़क।



एक वर्ष में झांसी मंडल में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई

जनपद गाड़ी सीज जुर्माना (करोड़ रुपये में)

झांसी 720 3.48

ललितपुर 509 1.90

जालौन 1163 10.78

यह है मानक



वाहन क्षमता

10 टायर - 28 टन

12 टायर - 35 टन

14 टायर - 42.5 टन

16 टायर - 49 टन

18 टायर - 52 टन

बॉक्स में -



सड़कों पर चलने वाले वाहनों के मानक



- ग्रामीण सड़कों पर किसी भी दशा में भारी वाहन नहीं दौड़ सकते।



- इन सड़कों की अधिकतम क्षमता 5 टन की होती है।



- अगर निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री लगाई गई है और भारी वाहन नहीं चल रहे हैं तो सड़क पांच साल तक मजबूत रहेगी।



- हाईवे पर भी 15 से 20 टन से भारी वाहन नहीं चलने चाहिए।



- मानकों के अनुरूप कार्य होने पर हाईवे 10 वर्ष तक मजबूत रहेगी







वर्जन -



- ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। एक वर्ष में झांसी परिक्षेत्र में 2392 ओवरलोड वाहनों को सीज कर उनसे करीब 16 करोड़ रुपये जुर्माना वसूल किया गया है लेकिन खनिज क्षेत्रों से निकलने वाले वाहन सड़कों को ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं। - प्रभात पांडेय, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), झांसी
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