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एक शक ने बर्बाद कर दिया पूरा परिवार

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one doubt spoil the family - फोटो : DEHAT
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एक शक ने बर्बाद कर दिया पूरा परिवार
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मऊरानीपुर। कादिम अली मोहल्ले में शौकत अली का पूरा परिवार एक साथ रहता था। उसका बड़ा बेटा अयूब भी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था। वह जूते और चप्पल की दुकान चलाता है। इसके साथ ही एक गाड़ी भी चलती है। इसलिए घर में भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। बताया जाता है कि मोहल्ले में किसी ने मजाक में उसकी पत्नी के चरित्र पर कुछ कह दिया। इससे उसे शक हो गया। इसी के बाद से दंपती के रिश्तों में दरार आ गई। घर में लड़ाई झगड़ा करने पर परिवार वाले भी समझते थे लेकिन उनको नहीं मालूम था कि वह इतनी बड़ी घटना कर देगा।
मोहल्ले वालों का कहना है कि शौकत अली का परिवार बहुत ही सभ्य है। मोहल्ले के सभी लोग इस परिवार की इज्जत करते हैं। शौकत अली के बेटे और बहू भी साथ रहते हैं। उनके अलग-अलग कमरे में हैं। अयूब की जूते और चप्पलों की दुकान है। इसलिए वह सुबह दुकान पर चला जाता था। नौ बजे के करीब दुकान बंद कर घर आ जाता था। मंगलवार को भी दुकान से अयूब आया और सभी के साथ खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। उसके तीनों बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। परिजनों को दोनों में किसी तरह लड़ाई झगड़े ही आहट भी नहीं मिली। डेढ़ बजे रात में वह कमरे से निकल कर बाहर भागने लगा तो उसके पिता शौकत को कुछ अनहोनी का शक हुआ। इस पर उन्होंने तुरंत ही अपने छोटे बेटे को जगाया। इससे बताया कि अयूब तेजी से भागकर बाहर गया है। इसके बाद दोनों उसके कमरे में गए तो गला रेता खून से लथपथ रोशन जहां का शव पड़ा था। शव देखते ही दोनों की चीख निकल गई। इस पर घर के सभी लोग उठ गए। वह शव देखकर सन्न हो गए। घटना की जानकारी मोहल्ले वालों को होते ही रात में भीड़ जुट गई। लोग यह नहीं समझ पा रहे थे कि आखिर अयूब ने ऐसा क्यों किया। बेटे की हरकत से पिता भी बहुत दुखी हैं। उनका कहना है कि इस घटना से उनको शर्मसार होना पड़ा है।
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15 साल पहले हुई थी शादी
रोशन जहां मिर्जापुर की रहने वाली थी। 15 साल पहले उसके पिता मोहम्मद फरीद ने बेटी की शादी अयूब से की थी। अयूब भी बहुत ही मिलनसार है। मोहल्ले के लोगों में उसका काफी उठना बैठना है। वह किसी से लड़ता झगड़ा भी नहीं था। घटना के बाद भी लोगों को यह यकीन नहीं हो रहा था कि अयूब ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। हत्या के सीधे वह कोतवाली पहुंच गया था। दिन भर वह कोतवाली में गुमसुम बैठा रहा। किसी से कुछ नहीं बोला। यहां तक कि खाना देने पर उसने नहीं खाया।
मायके वालों के आने के बाद किया सुपुर्देखाक
मिर्जापुर से लड़की के पिता मोहम्मद फरीद समेत उसकी मां, भाई और घरवाले भी रोते पीटते पहुंचे। मायकेवालों ने ससुरालवालों पर किसी तरह का आरोप नहीं लगाया। उनका कहना था कि बेटी ने कभी किसी तरह की शिकायत नहीं की। अयूब भी सही तरह से रहता था। आखिर उस पर क्यों खून सवार हो गया। यह समझ में नहीं आ रहा है। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद नगर में ही स्थित कब्रिस्तान में रोशन जहां को सुपुर्देखाक कर दिया गया।
तीन बच्चों के सिर से उठ गया मां का साया
रोशन जहां के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा अदनान (12) साल है। उससे एक छोटा बेटा है। सबसे छोटी बेटी है। घटना से तीनों बच्चे भी सहमे हुए हैं। तीनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। अब बच्चे एक तरह से अनाथ ही हो गए हैं। क्योंकि उनके अब्बू तो जेल चले जाएंगे। अब इन बच्चों की परवरिश भी दादा-दादी ही करेंगे। बड़ा बेटा अदनान ही कुछ समझदार है। घर के दरवाजे पर ही दादी के साथ तीनों गुमसुम बैठे रहे।
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बहुत ही मिलनसार थी रोशन
मोहल्लेवालों का कहना है कि रोशन जहां भी बहुत ही मिलनसार था। वह घर से भी बहुत कम निकलती थी। जबसे शादी होकर वह यहां पर आई थी उसका किसी से कोई झगड़ा भी नहीं हुआ था। मोहल्ले की औरतों का कहना है कि घर जाने पर बहुत ही खुलूस के साथ मिलती थी। अपने बच्चों के साथ पूरे परिवार का भी ख्याल रखती थी।
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