झांसी। महानगर में हरियाली को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट अफसरों की अनदेखी के चलते दम तोड़ रहा है। हरियाली बिखेरने के दावे सात दिन में ही फुस्स हो गए। अधिकारियों ने बड़े-बड़े आयोजन कर पौधे लगाने का दावा किया। कार्यक्रम और पौधे के नाम पर लाखों रुपये खर्च हुए। शासन को लक्ष्य से अधिक पौधरोपण करने पर रिपोर्ट भेजी गई। अधिकारियों ने पौधों को सहेजने का संकल्प लिया, लेकिन संकल्प एक दिन भी न चल सका। आलम यह हुआ कि धरती को हरा भरा बनाने की कवायद ने दम तोड़ दिया। शनिवार को अमर उजाला टीम ने महानगर में जगह-जगह किए गए पौधरोपण की हाल जाना। इस दौरान जगह-जगह पौधे सूखकर दम तोड़ चुके थे। पौधों को लगाने के बाद अफसरों ने भी मुड़कर न देखा। हालात ये हैं कि जो पौधे अफसरों ने अपने हाथों से रोपे थे, वे तक झुककर मुरझाने की ओर हैं। इसके अलावा कई जगहों पर गड्ढे खोद दिए गए हैं, लेकिन पौधों का कोई नामोनिशान नहीं है। ऐसे में हरियाली बिखेरने की सीएम योगी मंशा पर पानी फिर रहा है।
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गढ़िया गांव में खाली पड़े गड्ढे
नगर निगम ने गढ़िया गांव में 130 एकड़ भूमि पर 57500 पौधे लगाने का दावा किया था। यहां बड़ी संख्या में पौधे सूखकर दम तोड़ चुके हैं। यहां पर अधिकारियों ने अपने हाथों से पौधे लगाए थे, उनमें से अधिकांश पौधे भी सूखकर झुक चुके हैं। कई पौधों के पत्ते भी गिर गए हैं। यहां नगर निगम की ओर से फैंसिंग लगाने का काम चल रहा है, लेकिन पौधों की देखरेख भगवान भरोसे है।
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कोछाभांवर में पीले पड़ गए पत्ते
कोछाभांवर में नगर निगम ने 1200 पौधे लगवाए, लेकिन यहां भी पौधों का हाल बेहाल है। तमाम पौधे सूखकर पीले हो गए हैं। साथ ही, जमीन में समाकर मर चुके हैं। यहां भी पौधों की देखरेख का इंतजाम नहीं है। हालात ये हैं कि बीते रविवार को पौधरोपण करने के बाद यहां कोई लौटकर नहीं आया।
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सिंगर्रा में भी पौधरोपण फुस्स
नगर निगम ने सिंगर्रा में तीन जगहों पर चिन्हित की नौ एकड़ जमीन पर 4350 पौधे लगवाने की बात कही है। यहां भी पौधों का हाल बेहाल है। मौके पर बड़ी संख्या में पौधे सूख गए हैं। कोई पौधों की सुध लेने वाला नहीं है।
अन्य जगहों का भी हाल ऐसा ही
जिले में वन महोत्सव के तहत एक दिन में 50.09 लाख पौधे लगवाए गए। पौधों के हाल को देखकर साफ है कि करीब 40 फीसद पौधे मुरझाकर दम तोड़ चुके हैं। अधिकारियों ने भी पौधों के संरक्षण को लेकर कोई कवायद नहीं की। जबकि जल्द ही पौधों का सत्यापन शुरू होना है।
सभी जगहों पर पौधे लगाए गए हैं। भूमि पथरीली होने से कुछ पौधे मुरझा गए होंगे। उन्हें बदलवाया जाएगा। पौधरोपण की जियो टैगिंग कराई जा रही है।
अमित शर्मा, अधिशासी अभियंता, नगर निगम