झांसी। निवर्तमान उप निदेशक कृषि कमल कटियार एवं संयुक्त विकास आयुक्त चंद्रशेखर शुक्ला के बीच लेटर वॉर छिड़ा हुआ है। जेडीसी चंद्रशेखर शुक्ला निवर्तमान उपनिदेशक पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे हैं। पहले उपनिदेशक ने जेडीसी पर सवाल खड़े करते हुए उनको पत्र लिख मारा। इससे भन्नाए जेडीसी ने पलटवार करते हुए उपनिदेशक को वेतनमान का पे-बैंड की याद दिलाते हुए अनुशासन का पाठ पढ़ा डाला। दो अफसरों में छिड़े इस घमासान ने प्रशासनिक अमले में हलचल पैदा कर दी है।
तत्कालीन उपनिदेशक कृषि कमल कटियार पर लगे भ्रष्टाचार के कई आरोपों की जांच मंडलायुक्त के निर्देश पर संयुक्त विकास आयुक्त कर रहे हैं। इसी जांच के शुरू होने के बाद से दोनों अफसरों में जमकर ठनी हुई है। तत्कालीन डीडी कमल कटियार ने 30 अगस्त को एक पत्र के जरिए जेडीसी से पूछा कि उनके खिलाफ जो आरोप लगाए गए वह शासनादेशों के मुताबिक क्यूं नहीं हैं। उन्होंने जेडीसी से इस स्थिति को स्पष्ट करने को कहा। कमल कटियार का यह अंदाज जेडीसी को पंसद नहीं आया। जेडीसी ने भी तत्काल पलटवार करते हुए पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने डीडी को याद दिलाते हुए कहा कि वे 8700 ग्रेड पे के अफसर हैं जबकि कटियार 6600 ग्रेड पे के हैं। इसको देखते हुए उन्होंने कटियार को अनुशासन में रहने की ताकीद की। जेडीसी ने भविष्य में ऐसी अनुशासनहीनता दुहराने पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करने तक का अल्टीमेटम दे दिया। बता दें, टहरौली निवासी सरदार सिंह ने आयुक्त एवं आईजीआरएस पर शिकायती पत्र देते हुए तत्कालीन डीडी कमल कटियार पर बीस लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया। साथ ही भ्रष्टाचार के कई अन्य आरोप भी लगाए। इसी मामले की जांच जेडीसी की ओर से की जा रही है।