झांसी। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा कार्यरत स्टाफ नर्सों को एक साल से मानदेय नहीं मिला है। ऐसे में नर्सों के सामने परिवार के भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है। वे अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दे चुकी हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
जिले में कई नर्सों को सेवा प्रदाता एजेंसी के जरिए सीएचसी, पीएचसी पर तैनात किया गया है। स्टाफ नर्सों ने मंडलायुक्त और चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर कहा कि मार्च 2019 से अब तक उन्हें मानदेय नहीं मिला है। एक साल से मानदेय नहीं मिलने से वे आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं। दो वक्त की रोटी खाना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है। कई नर्सों को तो अपने घर से 60 किलोमीटर दूर तक प्रतिदिन ड्यूटी करने जाना पड़ता है। नर्सों का कहना है कि कोरोना वायरस के इस संक्रमणकाल में वह पूरी मेहनत से अपने ड्यूटी कर रही हैं। ऐसे में मानदेय नहीं मिलने से वह निराश और हताश हैं। वहीं, इस मामले में सीएमओ डॉ. जीके निगम ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला आया तो शासन को पत्र लिखा गया है। चार महीने का मानदेय नर्सों के खाते में पहुंच गया है। बचा हुआ भी जल्द मिलेगा।