झांसी। कोरोना का कहर थमा नहीं कि मौसमी बीमारियों ने लोगों को घेर लिया है। इन दिनों सामान्य ओपीडी में 20 फीसदी मरीज तो डायरिया के ही आ रहे हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इसका शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
सर्दी, खांसी, जुकाम में कमी आई तो अब अस्पतालों की इमरजेंसी से लेकर ओपीडी में अब डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और नर्सिंगहोम, निजी क्लीनिकों में ओपीडी में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, डिहाईड्रेशन समेत तमाम शिकायतें लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 20 फीसदी मामले तो डायरिया के ही सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आजकल गर्मी ज्यादा हो रही है। इसके अलावा मौसम में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिससे लोगों के खानपान में बदलाव आया है। दिन का रखा हुआ खाना दोपहर या शाम को खाने से भी लोगों को पेट संबंधी दिक्कतें हो रही हैं। डिहाईड्रेशन से बचाव के लिए डॉक्टरों ने पानी की कमी न होने की सलाह दी है। गर्मी में पसीना ज्यादा आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि समय-समय पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
ऐसे करें बचाव
- बिना वजह धूप में न निकलें
- हल्के कॉटन के पूरी बांह के कपड़े पहनें
- खाने में सलाद, जूस, लस्सी, दही लें
- बाहर का खाने से बचें
- बासी खाना खाने से बचें
इन दिनों ओपीडी में 20 फीसदी मरीज तो डायरिया के ही आ रहे हैं। लोगों को संतुलित खाना, धूप से बचाव करना, चार-पांच लीटर पानी पीना चाहिए। बाहर और बासा खाना खाने से बचना चाहिए। - डॉ. डीएस गुप्ता, फिजीशियन, जिला अस्पताल।
गर्मी में डायरिया का शिकार बच्चों की संख्या भी दोगुनी हो गई है। परिजन ये ध्यान रखें कि बच्चा बाहर का खाना न खाए। साफ-सफाई का भी ध्यान दें। दिक्कत हो तो तुरंत दवा लें। - डॉ. ओमशंकर चौरसिया, बाल रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।