अब ट्रेनों के शौचालय में कम बर्बाद होगा पानी
मुकेश साहू
झांसी। ट्रेन के शौचालय का उपयोग करने के बाद अब मुसाफिरों को ताकत लगाकर फ्लश को नहीं दबाना होगा। शौचालयों में डुअल फ्लश वाल्व लगाए जा रहे हैं। इसको ताकत लगाकर नहीं दबाना पड़ता है। हल्के दबाव से ही यह चल जाता है। साथ ही एक निश्चित मात्रा में ही पानी गिरता है। शुरुआत में यह मंडल से संचालित ट्रेनों के 1690 शौचालयों में लगेगा।
अभी ट्रेन के शौचालय में गंदगी को पानी से साफ करने के लिए जो फ्लश लगे हैं उनको ताकत लगाकर दबाना पड़ता है। जब तक मुसाफिर इसे दबाए रहते हैं, उससे पानी बहता रहता है। इससे पानी की भी बर्बादी होती है। मगर, रेल प्रशासन अब इस उपकरण में परिवर्तन करने जा रहा है। जल्द इसकी जगह डुअल फ्लश वाल्व लगाए जा रहे हैं। यह वाल्व हल्के से दबाते ही पानी गिरा देता है। साथ ही एक निश्चित मात्रा (डेढ़ से ढाई लीटर पानी) में ही पानी गिरेगा। इस वाल्व की कीमत करीब तीन हजार रुपये है। शुरुआत में यह वाल्व मंडल से संचालित ट्रेनों के करीब दो हजार शौचालय में से 1690 में लगाया जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि यह वाल्व बेहद ही सुविधाजनक है। इनको जल्द लगाने का काम शुरू हो होने वाला है। मालूम हो कि रेल मंडल से संचालित 25 से अधिक ट्रेनों में 508 कोच लगे हैं। इन सभी कोचों में बायो टॉयलेट की सुविधा प्रदान की कर दी गई है। इसके लिए उक्त कोचों में 1950 बायो टैंक लगाए गए हैं। साथ ही प्रशासन कोच और उनके शौचालय को और बेहतर बनाने में लगा है। इसी पहल के तहत डुअल फ्लश वाल्व लगाए जा रहे हैं।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस में है यह सुविधा
ग्वालियर से वाराणसी के बीच चलने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस में रेलवे की उत्कृष्ट योजना के तहत बदलाव किया गया है। इस ट्रेन में उत्कृष्ट प्रणाली का एक रैक चलने लगा है। इस रैक का आधुनिक तरीके से कायाकल्प किया गया है। कोच के अंदर व बाहर नए रंगों में पेंटिंग की गई है, जिससे माहौल रंगबिरंगा दिखाई देता है। शौचालय, वॉश बेसन व दरवाजे के आसपास की दीवारों को भी रंगा गया है। आरामदायक शौचालय बनाए गए हैं। शौचालय के बाहर प्लास्टिक के मैट बिछाए गए हैं। साथ ही शौचालय में ड्यूल फ्लश वाल्व लगाए जा रहे हैं।
यह ट्रेनें होती हैं संचालित
मंडल से झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस, झांसी - लखनऊ इंटरसिटी, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस, झांसी-इटावा एक्सप्रेस, झांसी-इंदौर एक्सप्रेस, उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, झांसी - कानपुर पैसेंजर, झांसी - लखनऊ पैसेंजर, झांसी- खजुराहो पैसेंजर, झांसी- बीना पैसेंजर, झांसी- आगरा पैसेंजर, झांसी- बांदा पैसेंजर, ग्वालियर - आगरा पैसेंजर, झांसी- इटारसी पैसेंजर आदि ट्रेनों का संचालन होता है।