नवरात्र की शुरुआत के साथ ही बाजार पकड़ेगा रफ्तार
झांसी। रविवार को अमर उजाला की ओर से ‘समृद्धि संवाद’ का आयोजन हुआ, जिसमें कारोबारियों ने कहा कि बारिश और पितृ पक्ष की वजह से कारोबार में थोड़ी सुस्ती जरूर आई है, परंतु ये सामान्य है। नवरात्र के शुरू होते ही बाजार एक बार फिर रफ्तार पकड़ लेगा। अच्छी बारिश से आगामी फसल भी अच्छी होने के आसार हैं, इससे बाजार को भी लाभ होगा। वहीं, सरकार ने भी कारोबार जगत की बेहतरी के लिए अभी हाल ही में कई कदम उठाए हैं। इससे बाजार में उत्साहजनक माहौल है। मंदी सिर्फ लोगों के दिमाग में है, बाजार में इसका कोई असर नहीं है।
ग्वालियर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में व्यापारियों ने कहा कि वर्तमान में बाजार व्यापार के तरीकों में बदलाव के दौर से गुजर रहा है। भविष्य के लिए ये स्थिति बेहतर है। खुदरा व्यापारी भी ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों से मिलने वाली चुनौती में कमी आई है। ग्राहक फिर से अपने पुराने दुकानदार के पास तेजी से लौट रहे हैं। नवरात्र और दीपावली के लिए अभी से गाड़ियां बुक की जानें लगी हैं, यह शुभ संकेत हैं। कपड़े, जूते, इलेक्ट्रानिक आइटम व अन्य रोजमर्रा की चीजों की बिक्री में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। रियल इस्टेट कारोबार भी एक बार फिर से खड़ा हो रहा है। इससे कारोबार को आने वाले दिनों में और भी अच्छा माहौल मिलने के आसार हैं।
जुलाई, अगस्त और सितंबर, ये तीन महीने कारोबार के लिए सुस्त माने जाते हैं। नवरात्र की शुरुआत के साथ ही बाजार की सुस्ती काफूर हो जाती है। इस बार भी ऐसे संकेत मिल रहे हैं। ग्राहक अभी से बाजार की ओर रुख करने लगे हैं।
- हरीश हासानी, बुंदेलखंड ट्रैवल्स
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के बाद भी बाजार में ग्राहकों का आवागमन लगा रहा। अब कीमतें नरम हुई हैं। त्योहारी और उसके बाद शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि बाजार एकदम से तेजी पकड़ेगा।
- लवलेश सोनी, लवली ज्वैलर्स
ये व्यापार को अपग्रेड करने का दौर चल रहा है, जो नजर भी आ रहा है। पुरानी दुकानें नये शोरूम में तब्दील हो रही हैं। दुकानदार एटीएम से पैसा ट्रांसफर करने लगे हैं। ग्राहक सेवाओं में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। बाजारों में सुविधाएं और बढ़ानी होंगी।
- हेमंत श्रीवास्तव, उमा ऑटोमोबाइल्स
कारोबार में उतार-चढ़ाव का दौर चलता रहता है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में सुस्ती का माहौल तो है, लेकिन ये पहली बार नहीं हुआ है। हर दो-चार साल में कुछ समय के लिए ये स्थिति बन जाती है। फिर सबकुछ सामान्य हो जाता है। इस बार भी यही स्थिति है।
- पवन गुप्ता, गुप्ता ट्रांसपोर्ट
पिछले तीन महीने से बाजार थोड़ा मद्दा है और बारिश के सीजन में हर बार ऐसा होता है। लेकिन, नवरात्र और दीपावली में मंदी की हवा हो जाएगी। उसके बाद शादियां शुरू हो जाएंगी। कारोबार के तेजी से जोर पकड़ने की पूरी उम्मीद है।
- नीरज स्वामी, नॉवल्टी शू हाउस
लोगों के हाथ में नकदी नहीं होती तो लोग रोजमर्रा के खर्च में कटौती करते, लेकिन ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है। बाजार सामान्य गति से चल रहा है। फल, सब्जियों के दामों में तेजी के बाद भी इनकी बिक्री में कोई अंतर नहीं आया है।
- विनीत खटीक, फल आढ़ती
नोटबंदी के बाद रियल इस्टेट कारोबार एकदम से धड़ाम हो गया था। लेकिन, अब ये एक बार फिर से खड़ा होने लगा है। भविष्य के लिए ये शुभ संकेत है। इससे भवन निर्माण सामग्री की खरीद में भी वृद्धि दर्ज की जाने लगी है। पितृ पक्ष के बाद कारोबार एकदम रफ्तार पकड़ेगा।
- संजय अग्रवाल, राजस्थान मारबल
मंदी सिर्फ चर्चाओं में है, लेकिन धरातल पर इसका कोई प्रभाव नहीं है। मेरा साड़ियों का कारोबार है, जिसमें कोई कमी नहीं आई है। अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मैं एक और शोरूम खोलने जा रहा हूं। नवरात्र और दीपावली को लेकर बाजार में उत्साह का माहौल है।
- सुरजीत भुसारी, जीत साड़ी
देश का बाजार त्योहार और शादियों से चलता है। 29 सितंबर से त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा। फिर तो बाजार में बहार ही बहार है। बाजार के रुख को देखते हुए व्यापारियों ने नई वैरायटी का माल मंगाना शुरू भी कर दिया है। मंदी तो सिर्फ हवा है।
- बॉबी भुसारी, दुल्हन साड़ी
ऑनलाइन ट्रेडिंग से इलेक्ट्रानिक खुदरा व्यापारियों को सर्वाधिक चुनौती मिल रही है। पिछले तीन साल में लगातार खुदरा बिक्री में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन पिछले कुछ समय से ग्राहक फिर दुकानों की ओर लौटने लगे हैं। भविष्य के लिए ये शुभ संकेत है।
- मो. इरफान, स्टालवार्ट ट्रेडर्स
पितृ पक्ष के दौरान भी ग्राहक शोरूम पर आ रहे हैं। वे खरीदने नहीं, बल्कि गाड़ी पसंद और बुक करने आ रहे हैं। नवरात्र, धनतेरस और दीपावली पर गाड़ी खरीदने की योजना अभी से बनाई जाने लगी है। आने वाले दिनों में कारोबार के लिए ये अच्छा संकेत है।
- हमीद अली, स्नेहा श्री सुजुकी
सरकार ने अभी हाल ही में जीएसटी स्लैब में बदलाव किया है। कार्पोरेट सेक्टर को भी राहत दी है। ये सारे कदम कारोबार की बेहतरी की दृष्टि से उठाए गए है। सरकार ने ये फैसला सही समय पर लिया है। आने वाले दिनों में बाजार को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
- डा. सियाराम जाटव, सेवानिवृत्त सहायक महाप्रबंधक - इलाहाबाद बैंक