अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मुकदमे की विवेचना के दौरान धाराओं को घटाने-बढ़ाने का खेल करने वाले दरोगाओं पर अंकुश लगेगा। इसके लिए सीसीटीएनएस की मदद ली जाएगी। विवेचना के दौरान किसी मामले में विवेचक के धारा घटाने एवं बढ़ाने पर उसकी सूचना निगरानी अफसर के साथ ही कप्तान तक भी पहुंचेगी। ऐसे में अब दरोगाओं के लिए चोरी-चुपके धाराओं को घटाने-बढ़ाने का खेल करना आसान नहीं होगा।
मुकदमों की विवेचना के दौरान धाराओं में खेल करना दरोगाओं के लिए आम है। कुछ दिनों में इस तरह की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। धारा बढ़ाने के नाम पर पिछले सप्ताह ही मऊरानीपुर में एक दरोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। वहीं, धाराएं हटाने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने वाले दरोगा का ऑडियो वायरल होने पर उसे निलंबित करना पड़ा। इन सब मामलों ने पुलिस विभाग की भी फजीहत कराई। विवेचनाओं में गड़बड़ी की शिकायतें डीआईजी तक भी रोजाना पहुंचती हैं।
एडीजी आलोक कुमार का कहना है कि विवेचनाओं को निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए सीसीटीएनएस को और प्रभावी बनाया जा रहा है। विवेचक अपनी मर्जी से धारा घटा एवं बढ़ा न सकें, इसके लिए पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारी समेत उनसे वरिष्ठ अधिकारियों तक भी इसका मैसेज भेजने की व्यवस्था बनाई गई है। अभी तक सिर्फ पर्यवेक्षण अधिकारी को इसका पता रहता था लेकिन अब आला अफसर भी इसकी निगरानी रखा करेंगे। उनकी जवाबदेही भी तय होगी। तकनीकी के इस्तेमाल से धाराओं में हो रहे खेल को रोका जाएगा। गड़बड़ी करने वाले दरोगाओं पर सख्ती होगी।