झांसी। आचार संहिता लागू होते ही तहसील में आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस पर भी रोक लगा दी गई है। अब आचार संहिता हटने के बाद ही संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया जाएगा।
लोगों को न्याय दिलाने के लिए सरकार द्वारा सप्ताह के पहले और तीसरे शनिवार को जिले की सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। जिसमें जिले के फरियादियों की सुनवाई के लिए हर महकमे का कम से कम एक अधिकारी मौजूद रहता है। जिसके चलते तहसील दिवस में आवेदकों की संख्या अधिक होती है। थानों व सरकारी कार्यालय से न्याय नहीं मिलने की दशा में आवेदक सीधा तहसील दिवस का दरवाजा खटखटाते हैं।
आचार संहित लागू होते ही संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन बंद कर दिया गया है। जिसके चलते अब फरियादियों को चुनाव तक इंतजार करना होगा। चुनाव के बाद नई सरकार का गठन होने के बाद ही संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में तहसीलदार मदन मोहन गुप्ता ने बताया कि आचार संहिता लागू होते ही संपूर्ण समाधान दिवस पर रोक लगा दी गई है। अब आचार संहिता हटने के बाद ही संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाएगा।