झांसी। शुक्रवार की आधी रात को थाना सीपरी बाजार के रॉयल सिटी की पुलिया के पास युवा व्यवसायी कमलेश यादव (30) पुत्र शोभाराम की गोली मारकर हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कमलेश को सीने में सटाकर पिस्टल से गोली मारी गई थी। गोली सीने को चीरते हुए पीठ से आर-पार हो गई। गोली मारने से पहले उसको निर्ममता पूर्वक पीटा गया था। उसके शरीर में बीस से अधिक छोटे-बड़े घाव मिले हैं। उधर, हत्या के चौबीस घंटे बाद भी पुलिस को न हत्यारों का सुराग मिला, न ही वह हत्या की वजह तलाश सकी। परिजनों ने भी पारिवारिक रंजिश से इंकार किया है।
शुक्रवार की रात दतिया के थाना जिगना के कमराई गांव के मूल निवासी कमलेश यादव का शव रायल सिटी की पुलिया के पास मिला था। शव मिलने के बाद पुलिस दुर्घटना एवं हत्या की आशंका के बीच उलझी रही। शनिवार सुबह डॉक्टरों के पैनल ने कमलेश के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में यह पूरी तरह साफ हो गया कि कमलेश की मौत गोली लगने से हुई थी। बदमाशों ने सीने में सटाकर पिस्टल से उसे गोली मारी। कमलेश के शरीर में चोट के तमाम निशान मिले हैं। बायां हाथ टूटा था। चेहरे पर चोट के कई निशान थे। पेट एवं पांव में भी चोट मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि रॉड से मारकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। पोस्टमार्टम के दौरान परिजन भी वहां पहुंच गए थे।
हत्या के चौबीस घंटे बाद भी पुलिस के हाथ नहीं आया सुराग
कमलेश की हत्या के चौबीस घंटे बाद भी इसके पीछे की वजह मालूम नहीं चल सकी। परिवार के लोगों ने किसी तरह की रंजिश की बात से इंकार किया है। ऐसे में पुलिस कमलेश के मोबाइल फोन की सीडीआर समेत पैसों के लेन-देन का ब्यौरा खंगालने में जुटी है। घटना के आसपास की जगह की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस खंगाल रही है। पड़ताल में मालूम चला है कि कमलेश सुरक्षा के लिहाज से बांउसर लेकर चलता था लेकिन, शुक्रवार को उनको छुट्टी दे दी थी। मोबाइल फोन कमलेश की गाड़ी के अंदर मिला। गाड़ी में भी कोई नुकसान नहीं हुआ है। जिस जगह कमलेश का शव मिला, आसपास वहां अधिक खून बिखरा हुआ नहीं मिला। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा कि कमलेश की हत्या कहीं दूसरी जगह करके बदमाश यहां उसका शव फेंककर फरार हो गए हालांकि पुलिस इस बारे में भी कुछ नहीं बोल रही है। पुलिस भी यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर कुछ ही वर्षों के भीतर उसने कैसे करोड़ों की संपत्ति हासिल की। हत्या के पीछे पैसों के विवाद की भी पुलिस पड़ताल कर रही है हालांकि पुलिस के हाथ अभी तक कोई भी ठोस सुराग नहीं आए हैं। उधर, सीपरी बाजार थाने में भाई राजेश की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कुछ समय में ही बन गया करोड़पति
व्यवसायी कमलेश यादव ने बहुत कम समय में ही बेशुमार दौलत एकत्र कर ली। कमलेश के गांव वालों का कहना है पहले वह दतिया के कमराई गांव में रहता था। पारिवारिक काम दूध बांटने में परिवार की मदद करता था। झांसी तक दूध बांटने भी आता था। पिता मायाराम कई वर्ष पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। घर मेें बड़ा भाई राजेश है। राजेश दतिया में पैतृक गांव में रहता है। मां भी उसी के संग रहती है जबकि कमलेश ने करीब छह माह पहले रक्सा इलाके में करौंदी माता मंदिर के पास एक करोड़ में आलीशान घर खरीदा था। इन दिनों यहीं वह पत्नी एवं दो बच्चों के साथ रहता था। गांव के लोग भी उसके इतने कम समय में करोड़ों की दौलत बना लेने से हैरान थे। उनका कहना है कारोबार के नाम पर उसने कुछ समय पहले प्रापर्टी डीलिंग का काम शुरू किया था। इस समय एक जिम भी वह चला रहा था। उसके पास दस युवकों का एक ग्रुप भी था, जो सिर्फ कमलेश के लिए काम करता था।
सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव था कमलेश
फेसबुक पर 3829 एवं इंस्टाग्राम में 6473 थे फॉलोवर
फेसबुक एवं इंस्टाग्राम में कमलेश वह बेहद एक्टिव रहता था। पैसा कमाने के अलावा उसे स्टाइलिश तरीके से रहना पसंद था। फेसबुक में उसके 3829 फालोअर थे जबकि 6473 लोग इंस्टाग्राम में उसे फॉलो करते थे। शाही अंदाज में रहने वाली तस्वीरें रोजाना वह अपलोड करता था। सोने की मोटी चेन समेत महंगी-महंगी गाड़ियों भी उसके पास थी। गुडगांव में भी उसने बंगला लिया था। देश-विदेश के चर्चित जगहों पर अकसर वह अपने दोस्तों के साथ घूमने निकल जाता था। हजारों लोग उसकी तस्वीरों को लाइक करते थे।
परिवार के लोगों ने किसी तरह के विवाद के न होने की बात कही है। पुलिस ने सभी बिंदूओं पर पड़ताल शुरू कर दी है। इस बारे में अभी कुछ साफ नहीं कहा जा सकता कि हत्या कहीं और की गई है। -शिवहरी मीना
एसएसपी