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अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में रुक जाएगा फर्जीवाड़ा

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झांसी। अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ अपात्र नहीं ले सकेंगे। इसके साथ ही इसमें होने वाला फर्जीवाड़ा भी रोका जाएगा। शासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण यानि ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में 2.51,422 लाख किसानों को 31 मार्च तक सम्मान निधि की 11वीं किस्त पाने के लिए पहले जनसेवा केंद्र से ई-केवाईसी करना होगा। इसके लिए थंब (अंगूठे का निशान) लगाना होगा।
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केंद्र सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मुश्किलों से राहत देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चलाई जा रही है। इसमें किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये खाते में भेजे जाते हैं। यह राशि किसानों को तीन किस्तों में दो-दो हजार रुपये में दी जाती है। वर्तमान में जिले के दो लाख से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है, लेकिन बीते वर्षों में लगातार अपात्रों द्वारा योजना का लाभ लिए जाने की शिकायतें आ रहीं थीं। इसमें कई भूमिहीन व कुछ सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त जो पेंशन के साथ सम्मान निधि भी पा रहे हैं। जांच के दौरान 2489 अपात्र लोग योजना का लाभ लेते पाए गए।
इसको गंभीरता से लेते हुए शासन ने अब किसानों को ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया है। अब किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नियमित लेने के लिए ई-केवाईसी कराना होगा। 31 मार्च 2022 तक 11वीं किस्त खाते में जाने से पहले, जो किसान ई-केवाईसी नहीं कराएंगे। उनका नाम पात्रता सूची से हटा दिया जाएगा, जिससे उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। किसान ई-केवाईसी कराने के लिए ऑनलाइन या कॉमन सर्विस सेंटर जाकर करा सकते हैं।
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अब किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने के लिए पहले अपना ई-केवाईसी करवाना जरूरी होगा। इसे किसान जनसेवा केंद्र पर जाकर करा सकते हैं। 31 मार्च तक केवाईसी करा लें, अन्यथा किसान सम्मान निधि की किस्त से वंचित हो जाएंगे। - केके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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