गर्मियों की छुट्टियां में मौज करने की सोच रहे शिक्षकों की मुश्किल बढ़ने वाली है। डीएम ने शिक्षकों को पिछडे़ वर्ग की सही संख्या जानने व प्रकाशन के लिए त्वरित सर्वेक्षण (रैपिड सर्वे) में लगाने का निर्देश बीएसए को दिया है। वहीं कई शिक्षक पहले से ही बीएलओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
जिलाधिकारी अनुराग यादव द्वारा बीएसए को जारी पत्र में उक्त सर्वे कार्य के लिए जनपद के आठ विकास खंडों के लिए जोनल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इनमें मोंठ, टहरौली, गरौठा, मऊरानीपुर, झांसी के एसडीएम, जिला कृषि अधिकारी सहित डीआईओएस एवं बीएसए भी शामिल हैं। उपरोक्त जोनल अधिकारियों को प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को अधिकृत किया गया है। इनमें जो पर्यवेक्षक मतदाता सूची कार्य में लगे हैं, उन कर्मचारियों को रैपिड सर्वे के पर्यवेक्षक कार्य में नियुक्त करने को कहा गया है। इसके लिए ग्राम विकास अधिकारी, लेखपाल, किसान सहायक, अन्य ग्राम स्तरीय राजकीय कर्मचारियों के अलावा बेसिक स्कूलों के अध्यापक को चुना जाए।
प्रभारी बीएसए डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी के मुताबिक रैपिड सर्वें में प्रगणक व पर्यवेक्षक के रूप में जनपद के सभी शिक्षक एवं शिक्षामित्रों को नियुक्त किया जाएगा।