ललितपुर। शहर के लोगों को अभी तीन महीने और गड्ढों का दर्द झेलना होगा। नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते शहर की सड़कें अब बारिश के बाद ही सुधर पाएंगीं। जबकि इनकी निविदा प्रक्रिया माह पहले शुरू कर दी गई थी। बताया जाता है कि जिन ठेकेदारों ने सड़कों को सुधारने का जिम्मा लिया है, उन्होंने अभी तक पालिका को स्टांप और सिक्योरिटी मनी जमा नहीं की है। ऐसे में अनुबंध न हो पाने से कार्यादेश जारी नहीं हो सके हैं। अब ठेकेदार बारिश के बाद ही काम शुरू कराने के लिए कह रहे हैं।
शहर में प्रमुख खस्ताहाल सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। यहां पर गर्मियों में गड्ढों से धूल से चलना मुश्किल हो रहा था, तो अब बीते सप्ताह से हो रही बारिश से सड़कों पर दलदल हो गया है। नगर की खस्ताहाल सड़कों के निर्माण के लिए नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास किया गया था। जिसमें जर्जर पड़ी 14 प्रमुख सड़कों का 2.61 करोड़ रुपये से निर्माण किए जाने की स्वीकृति दी गई थी। स्वीकृति और बजट होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरु नहीं किया जा रहा है। बताया जाता है कि दो माह पहले टेंडर होने के बाद भी ठेकेदारों ने अब तक सिक्योरिटी मनी और स्टांप भी नहीं दिए हैं। इसके चलते निर्माण कार्य शुरू नही किया जा सकता है।
चंडी मंदिर से श्मशान घाट जाने वाला मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो गया है। अब लोगों को पैदल निकलने तक में परेशानी होती है।
- सौरभ
घर के सामने ही प्राथमिक विद्यालय है। ऐसे में उखड़ी सड़क से बच्चों केे निकासी में गिरने का भय बना रहता है।
- सरोज जैन
टेंडर खुल गए हैं, लेकिन ठेकेदार द्वारा सिक्योरिटी मनी और स्टांप नहीं दिए गए हैं। इससे एग्रीमेंट की प्रक्रिया रुकी हुई है। एंग्रीमेंट की प्रक्रिया के बाद वर्कआर्डर जारी किए जाएंगे। हालांकि अब बारिश के बाद ही सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। - निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद