कोच कारखाने में नई तकनीक की शुरुआत, कूलिंग और एयरफ्लो में होगा सुधार
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेल कोच नवीनीकरण कारखाने में एसी कोचों की सफाई के लिए अब रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। छोटे आकार के रोबोट सीधे एसी डक्ट के अंदर उतरकर गहराई तक जमी गंदगी और बैक्टीरिया को साफ कर रहे हैं। इसके साथ ही ओजोनाइजेशन तकनीक से हवा को शुद्ध किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर और स्वच्छ कूलिंग मिल सकेगी।
वंदेभारत समेत एलएचबी कोचों की मरम्मत के लिए देशभर में पहचान बना चुके इस कारखाने में अब एसी डक्ट की सफाई के लिए नागपुर की फर्म को टेंडर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीक पारंपरिक मैन्युअल सफाई की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो रही है।
कम समय में गहराई तक सफाई
हाईटेक रोबोट डक्ट के अंदर दूर तक जाकर जमा धूल, गंदगी और बैक्टीरिया को हटाते हैं। इनमें लगे विशेष ब्रश सफाई को और प्रभावी बनाते हैं। इससे जहां सफाई का समय कम हुआ है, वहीं एयरफ्लो और कूलिंग क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है।
बिजली की बचत, कूलिंग होगी बेहतर
रोबोटिक सफाई का बड़ा फायदा यह भी है कि एसी सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ेगी। गर्मी के मौसम में कोच के भीतर एयरफ्लो बेहतर होगा और कूलिंग पहले से अधिक प्रभावी रहेगी।
बेहतर कूलिंग के कारण बिजली की खपत भी कम होगी, जिससे उपकरणों पर लोड घटेगा और उनकी आयु भी बढ़ेगी।
कैमरे और सेंसर से लैस रोबोट
इन रोबोट में कैमरे और सेंसर लगे हैं, जिनकी मदद से सफाई की पूरी प्रक्रिया मॉनीटर पर लाइव देखी जा सकती है। सेंसर यह भी बताते हैं कि डक्ट के किस हिस्से में कितनी गंदगी है, जिसके अनुसार अलग-अलग ब्रश का उपयोग किया जाता है। सफाई के बाद वैक्यूम मशीन के जरिये डक्ट के भीतर की गंदगी बाहर निकाली जाती है और मशीन से हवा की शुद्धता की जांच भी की जाती है।
एसी डक्ट की सफाई के लिए छोटे रोबोट सीधे अंदर उतारे जा रहे हैं, जो गहराई तक जमी गंदगी और बैक्टीरिया को प्रभावी ढंग से हटाते हैं। कैमरे और सेंसर की मदद से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाती है, जबकि वैक्यूम सिस्टम से गंदगी को बाहर निकालकर हवा की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाती है। - अतुल कनौजिया, मुख्य प्रबंधक, रेल कोच नवीनीकरण कारखाना