झांसी। शहर की तर्ज पर पांच हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में सीधे घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था होगी। इन ग्राम पंचायतों को स्वच्छ करने के लिए अन्य कार्य भी होंगे। इसका फैसला पंचायतें खुद करेंगी। पहले चरण के लिए जनपद की 25 ग्राम पंचायतें चिन्हित हुई हैं। जल्द ही यह कार्य शुरू होने जा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन (फेज टू) के तहत ग्राम पंचायतों को स्वच्छ करने की योजना है। पांच हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में घरों से सीधा कूड़ा उठाने के साथ ही बारह अन्य बिंदुओं पर भी काम होगा। इसकेे अंतर्गत ग्राम पंचायत में सामुदायिक वर्मी पिट, सामुदायिक कचरा स्थल, सामुदायिक प्लास्टिक बैंक, सामुदायिक इंसुलेटर समेत अन्य अहम कार्य कराए जाएंगे। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना है प्लास्टिक बैंक के जरिए गांव में फैलने वाले प्लास्टिक का कचरा खत्म होगा। इसी तरह सामुदायिक इंसुलेटर के माध्यम से सेनेटरी पैड आदि नष्ट किया जाएगा हालांकि इनमें से ग्राम पंचायत को अपनी जरूरत के मुताबिक कार्य चुनने की आजादी होगी। इस काम में स्वच्छ भारत मिशन, 15वें वित्त आयोग एवं मनरेगा की भी मदद ली जाएगी। डीपीआरओ जगदीश राम का कहना है कि पंचायतों को चिन्हित कर लिया गया है।
यह 25 ग्राम पंचायतें हुईं चयनित
सिमरावारी, रक्सा, बबीना रुरल, खजराहाबुजुर्ग, चमरऊआ (बबीना ब्लॉक), अंबाबाय (बड़ागांव ब्लॉक), सकरार, कटेरा देहात, मगरपुर, कचनेव, उल्दन, पलरा (बंगरा ब्लॉक), चिरगांव देहात, अम्मरगढ़, करगुवां (चिरगांव ब्लॉक), टहरौली किला, एवनी (गुरसराय ब्लॉक), स्यावरी, स्यावरी खानपुरा, बड़ागांव, धवाकर (मऊरानीपुर ब्लॉक), पूंछ, साकिन, बम्हरौली, लोहागढ़ (मोंठ ब्लॉक)