झांसी। कोरोना की घटती रफ्तार देख कोविड हॉस्पिटल के संचालन के संबंध में शासन ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब सिर्फ महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में कोविड मरीज भर्ती होंगे। शासन ने बाकी सभी एल-2, एल-3 इकाइयों को कोविड मुक्त करने के निर्देश दे दिए हैं।
झांसी में मेडिकल कॉलेज ही एल-1 अस्पताल है, यहां पर आईसीयू से लेकर वेंटिलेटर तक की व्यवस्था है। शुरूआत में यहीं पर कोरोना के मरीज भर्ती हो रहे थे। मगर जब कोरोना बहुत तेजी से फैलने लगा तो बढ़ते मरीजों के कारण एल-2 और एल-3 इकाइयां भी बनानी पड़ गईं। जिले में रेलवे अस्पताल, निजी हॉस्पिटलों में हाईटेक और सेंट ज्यूड अस्पताल को एल-2 और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव, बरुआसागर, सेंट मेरी इंटर कॉलेज, सीएचसी रानीपुर, झांसी कैंट जरनल हॉस्पिटल, मिलेट्री अस्पताल, पैरामेडिकल कॉलेज, निर्मल अस्पताल, पंडित दीनदयाल शेल्टर होम के अलावा सात होटलों को एल-3 इकाई बना दिया गया। एल-1 इकाई में कोरोना के गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है और एल-2 में लक्षण वाले गैर गंभीर मरीजों को। जबकि, एल-3 में लक्षणविहीन कोरोना मरीज भर्ती होते हैं। चूंकि, अब कोरोना की रफ्तार देश-प्रदेश में थम चुकी है। झांसी मेडिकल कॉलेज में ही 90 फीसदी से ज्यादा बेड खाली पड़े हुए हैं। ऐसे में शासन ने मेडिकल कॉलेज को छोड़कर अन्य इकाइयों को कोविड मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसलिए कोविड-2 और कोविड-3 इकाइयां अब पहले की तरह ही काम करेंगी। यहां पर कोरोना का कोई मरीज भर्ती नहीं किया जाएगा।