झांसी। महानगर की सफाई व्यवस्था और कूड़ा कलेक्शन की प्रक्रिया में सुधार के लिए अब शासन स्तर से एजेंसी को नामित किया जाएगा। नगर निगम ने अपने स्तर से टेंडर प्रक्रिया कराने से हाथ खींच लिए हैं। निगम अधिकारियों का तर्क है कि शासन स्तर पर टेंडर होने से देशभर की अच्छी कंपनियां प्रतिभाग करेंगी। साथ ही गुणवत्ता और निगरानी का काम नगर निगम के हवाले रहेगा। इसे लेकर जल्द ही शासन के बड़े अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की जाएगी।
महानगर में कूड़ा कलेक्शन का मामला लगातार सुर्खियों में है। कार्यकारिणी की बैठक से लेकर सदन तक कूड़ा कलेक्शन कंपनियों की मनमानी का मामला खूब गूंजा। कंपनियों की मनमानी पर नगर निगम लगाम लगाने के लिए जांच करा रहा है। वहीं नए सिरे से टेंडर कराने के भी प्रस्ताव तैयार किया गया। नगर निगम ने अपने स्तर पर महानगर के सभी वार्डों का सर्वे कराकर आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) तैयार करा लिया था। इसे ई-टेंडर पर अपलोड करने की भी तैयारी होने लगी थी। इसके बाद नगर आयुक्त अवनीश राय ने शासन को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगे थे। इसके बाद तय हुआ है कि अब एजेंसी नामित करने का काम शासन स्तर से होगा। बताया जाता है कि हाल ही में बनारस और प्रयागराज समेत कई नगर निगमों में निदेशालय स्तर से ही कूड़ा कलेक्शन के लिए एजेंसियां नामित की गई हैं। झांसी में भी शासन के जरिए टेंडर कराने के पीछे मकसद है कि नगर निगम में कूड़े के नाम पर होने वाली वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम लग सकेगी। साथ ही कंपनियों की जवाबदेही तय की जा सकेगी। इसे लेकर जल्द ही नगर निगम के अधिकारियों की शासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग होनी है। जिसमें कूड़ा कलेक्शन के टेंडर और प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी।
कूड़ा संकलन के साथ निस्तारण पर रहेगा जोर
नगर निगम का जोर है कि कूड़ा संकलन के साथ कार्यदायी संस्था को निस्तारण का जिम्मा सौंपा जाए। इसके लिए भी शासन स्तर से चर्चा होनी है। बताया जाता है कि महानगर में कूड़ा संग्रहण के लिए इंदौर मॉडल को लागू किया जाएगा।
13 वार्डों की व्यवस्था स्मार्ट सिटी से
महानगर के 13 वार्डों में कूड़ा कलेक्शन का काम स्मार्ट सिटी के जरिए होगा। जिसके लिए करारी में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर तैयार किया जा रहा है। नगर निगम शासन से नामित होने वाली एजेंसी से 47 वार्डों में कूड़ा कलेक्शन कराएगा।
कूड़ा कलेक्शन की टेंडर प्रक्रिया शासन स्तर से कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया गया है। शासन से टेंडर होने पर राष्ट्रीय स्तर की कंपनियां प्रतिभाग करेंगीं। जिससे काम में पारदर्शिता बनी रहेगी। जल्द ही इस संबंध में उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग होनी है। अवनीश राय, नगर आयुक्त