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Jhansi News: टहरौली के विकास पर किसी भी सरकार ने नहीं दिया ध्यान

Tue, 11 Mar 2025 01:07 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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तहसील बनने के तीन दशक बाद भी विकासखंड व सीएचसी की स्थापना तक नहीं



संवाद न्यूज एजेंसी

टहरौली। टहरौली को तहसील बने लगभग 30 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अभी तक टहरौली का अपेक्षानुरूप विकास नहीं हो पाया है। भाजपा-बसपा गठबंधन की सरकार के समय 1995 में टहरौली को तहसील घोषित कर अस्थायी भवन में तहसील कार्यालय खोल दिया गया था। अब तहसील कार्यालय अपने नये भवन में है।



जिले में टहरौली को सबसे पिछड़ी तहसील माना जाता है। तहसील में केवल एक नगर पंचायत टोड़ी फतेहपुर है। टहरौली के लोग वर्षों से टहरौली को नगर पंचायत का दर्जा देने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन किसी भी सरकार द्वारा टहरौली को अभी तक नगर पंचायत का दर्जा नहीं दिया गया।
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प्रदेश में योगी की सरकार बनते ही टहरौली को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के प्रयासों ने फिर से रफ्तार पकड़ी, लेकिन कोई भी कोशिश परवान नहीं चढ़ सकी। 2022 में प्रदेश सरकार ने कई ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा दिया, लेकिन यहां के लोगों को निराशा ही हाथ लगी। टहरौली कस्बा दो ग्राम पंचायतों टहरौली किला एवं टहरौली खास में विभक्त है और नई नगर पंचायत बनाने के मानकों की शर्तों को पूरा करता है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के सौतेले व उदासीन रवैये के कारण यह नगर पंचायत घोषित नहीं हो पा रही है।



टहरौली की आबादी वर्तमान में 20000 के पार जा चुकी है। यहां रजिस्ट्रार कार्यालय, उप गल्ला मंडी, स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ग्रामीण व सहकारी बैंक है तथा कस्बा की अधिकांश आबादी गैर कृषि कार्यों में संलग्न होकर जीविकोपार्जन कर रही है। टहरौली से मोंठ, गुरसरांय, चिरगांव, बंगरा, मऊरानीपुर तथा झांसी जाने के लिए राज्यस्तरीय मार्गों सहित लगभग सभी मानक पूर्ण होने के बाद भी इसे नगर पंचायत का दर्जा न मिल पाने से यहां के लोगों में क्षोभ एवं रोष व्याप्त है।



पूर्व जिला मंत्री भाजपा दिनेश परिहार ने बताया कि वर्ष 1990 के बाद से अभी तक दो-तीन चुनावों को छोड़कर यहां के मतदाता अभी तक भाजपा को ही चुनाव जिताते रहे हैं, लेकिन सांसद रहे राजेन्द्र अग्निहोत्री के अलावा किसी भी प्रतिनिधि ने टहरौली की चिंता नहीं की।



टहरौली को तहसील बने लगभग 30 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इस दौरान यहां न तो विकास खंड की स्थापना हो पाई है और न ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन पाया। वर्ष 2013 में शासन के द्वारा टहरौली तहसील में विकास खंड की स्थापना करने के लिए जिले से रिपोर्ट मांगी गई थी। तब से लेकर आज तक कई बार भूमि चिह्नीकरण कर शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक यहां ब्लाक कार्यालय नहीं खोला जा सका है।
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तहसील क्षेत्र की अधिकांश कृषि भूमि असिंचित होने के कारण खेती लाभ का सौदा नहीं बन पा रही है और लोग खेती छोड़कर गैर कृषि कार्यों की ओर बढ़ रहे हैं। कृषि भूमि को सिंचित बनाने के लिए एक नहर निकालने की मांग यहां के लोग तीन-चार दशक से करते आ रहे हैं लेकिन सरकारों से कोरे आश्वासनों के अलावा आज तक कुछ नहीं मिला।
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