झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के आईटीएचएम विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला में संयुक्त अरब अमीरात की स्काइलाइन यूनिवर्सिटी कॉलेज की सहायक आचार्य डॉ. काकुल आगा ने कहा कि आने वाले समय में कोविड की वजह से रोजगार प्राप्त करने के लिए बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। वैश्विक स्तर पर रोजगार पाने के लिए ‘‘न्यू नॉर्मल’’ कल्चर को अपने व्यवहार, दिनचर्या में शामिल करना जरूरी हो गया है।
कोविड के बाद वैश्विक मानव संसाधन प्रवृत्तियां विषय पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने वैश्विक स्तर पर महामारी की वजह से हुए सभी परिवर्तनों को नए रूप में स्वीकार करते हुए जीवन-यापन एवं कार्यशैली में बदलाव की प्रक्रिया को ‘न्यू नॉर्मल’ बताया। उन्होंने कहा कि हालांकि अन्य उद्योगों की तरह इस समय पर्यटन एवं होटल उद्योग भी कोविड की वजह से प्रभावित हुआ है लेकिन आने वाले समय में सबसे पहले पूर्वस्थिति प्राप्त करने वाले उद्योगों में से एक होगा। डॉ. काकुल ने सफलता पाने के लिए पांच चीजों को व्यवहार में शामिल करने जैसे रिफ्लेक्ट, रीकमिट, रीईंगेज, रीथिंक और रीबूट की महत्ता पर जोर दिया। बीयू आईटीएचएम विभागाध्यक्ष प्रो. प्रतीक अग्रवाल ने बताया कि व्याख्यान श्रृंखला से विभाग के छात्रों को देश-विदेश के विषय विशेषज्ञों से ज्ञान पाने के मौके मिल रहे हैं, जोकि आतिथ्य उद्योग में रोजगार प्राप्त करने के नए आयामों को जानने एवं रोजगरकपरक बनने में सहायक होंगे। संचालन और आभार डॉ. प्रणव भार्गव ने जताया।