फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

न एसी चल रहे और न मिल रहा पानी... रोडवेज की वातानुकूलित बसों की है ये कहानी

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। भीषण गर्मी में लंबा सफर करने वाले लोग रोडवेज की वातानुकूलित बसों को ज्यादा पसंद करते हैं। लेकिन इन दिनों तो एसी बसों में सफर करने वाले भी पसीने से भीग जा रहे हैं। बसों में लगे एसी कूलिंग ही नहीं कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं हर यात्री को पानी की बोतल देने का भी प्रावधान था लेकिन अब वह भी बंद हो गया है। बसों में जो पैनिक बटन लगाने के आदेश हुए थे उस पर भी अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है।
विज्ञापन

झांसी डिपो से रोडवेज की 8 एसी बसों का संचालन उरई, कानपुर, लखनऊ और प्रयागराज के लिए प्रतिदिन किया जाता है। इन बसों का किराया भी सामान्य बसों की तुलना में 100 रुपये ज्यादा होता है। आरामदायक सफर करने वालों के लिए यह बस पहली पसंद होती है। लेकिन पिछले कई दिनों से रोडवेज की इन वातानुकूलित बसों के एसी सही से काम नहीं कर रहे हैं। कूलिंग हो ही नहीं पा रही है। यात्री इसकी शिकायत चालक और परिचालक से करते हैं तो वह भी कोई संतोषजनक जवाब दे नहीं पा रहे हैं। पहले पानी की बोतल भी मिल जाया करती थी लेकिन अब मुसाफिर पानी की बोतल खरीदकर ले जा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर परिचालकों ने बताया कि कई बार तो पैसेंजर उनसे भिड़ जाते हैं और पैसे वापस मांगने लगते हैं।
विज्ञापन

अगर बस का एसी नहीं चल रहा तो, इसकी जानकारी हमें नहीं है। अब हुई है, इसको जल्द से जल्द सही कराया जाएगा। - प्रियम श्रीवास्तव, एआरएम
लोगों से बातचीत
बस में कूलिंग नहीं होने के कारण सफर के दौरान बहुत परेशानी होती है, पैसे भी ज्यादा देते हैं, और सहूलियत भी नहीं मिल रही है। - सुमित
भीषण गर्मी में रोडवेज की एसी बस से कानपुर जा रहा हू, लेकिन बस में लगे ज्यादातर पंखे खराब हैं, पैनिक बटन भी काम नहीं करते हैं। - पवन प्रताप
एसी बस का टिकट इसलिए लेते हैं ताकि गर्मी में आराम के साथ सफर हो सके। लेकिन यहां तो बैठते ही पसीना आ रहा है। एसी तो बस नाम के हैं।- विजय सिंह
अगर चालक और परिचालक से कहो कि एसी सही करा दो तो कह देते हैं कि अभी तो यही है। चलना है चलो वरना दूसरी बस से जाओ- दयाराम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें