फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्र आज से, शुरू होगी आदि शक्ति की आराधना

विज्ञापन
मां दुर्गा - फोटो : demo
विज्ञापन
नवरात्र आज से, शुरू होगी आदि शक्ति की आराधना
विज्ञापन

झांसी। रविवार से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। इसके साथ ही शुरू होंगे आदि शक्ति की आराधना के विशेष दिन। शहर में इसकी रौनक शनिवार को ही नजर आने लगी थी। जगह-जगह दुर्गा उत्सव पंडालों की साजसज्जा को अंतिम रूप दिया जाता रहा। वहीं, देवी पीठों में सभी व्यवस्थाएं सुचारु की जाती रहीं।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा पूरे परिवार के साथ धरती अपने मायके में प्रवास के लिए आती हैं। बेटी के मायके में आने की खुशी के तौर पर ही शारदीय नवरात्र को उल्लास के तौर पर मनाया जाता है। मां के सत्कार में जगह-जगह पूजा पंडाल सजाए गए हैं। सदर बाजार, सीपरी बाजार, शहर समेत अन्य महत्वपूर्ण इलाकों में पूजा पंडाल सजने से रौनक बढ़ गई है। इन पंडालों को बिजली की रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। आयोजकों के मुताबिक शुभ मुहूर्त में पूजन-अर्चन के बाद श्रद्धालुओं के लिए इसे खोल दिया जाएगा। यहां प्रत्येक दिन मां के विविध स्वरूपों का पूजन होगा। अष्टमी एवं नवमी के संधिकाल में विशेष पूजन होगा। दशमी पूजन के पश्चात मां की प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। पूजा पंडालों में होने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए हैं।
विज्ञापन

घट स्थापना का मुहूर्त सुबह 6.16 बजे से
मां दुर्गा के पूजन-अर्चन की देवी पीठों मेें खास तैयारियां की गई हैं। पंचकुइयां मंदिर, काली मंदिर, लहर की देवी मंदिर, तोपखाना स्थित काली मंदिर में पूरे दिन तैयारियां चलती रहीं। पुरोहितों के मुताबिक प्रत्येक दिन अलग-अलग स्वरूप का विधि-विधान पूर्वक पूजन-अर्चन होगा। उधर, बड़ी संख्या में देवी भक्तों ने घरों में भी घट स्थापना की तैयारी की है। पं. शांतनु पांडेय के मुताबिक इस बार घट स्थापना का उत्तम समय रविवार को सुबह 6.16 बजे से 7.24 बजे तक एवं दोपहर 11.48 बजे से 12.34 बजे के बीच रहेगा। इस दौरान घट स्थापना फलदायक रहेगा।
हाथी पर सवार होकर आएंगी मां
बंगाली पंरपरा में प्रत्येक वर्ष मां दुर्गा की सवारी अलग-अलग मानी जाती है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा। इस वाहन से आने का मतलब यह वर्ष वर्षा के लिहाज से अच्छा रहेगा, किसानों के लिए समृद्घि रहेगी। राजनीतिक क्षेत्र में उथल-पुथल रहेगी। इसी तरह उनकी वापसी पैदल होगी, लेकिन इसे अच्छा नहीं माना जाता। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक उनकी नंगे पांव वापसी लोगों के भीतर हताशा पैदा करेगी।
विज्ञापन

कालीबाड़ी में षष्ठी से आर्रंभ होगा पूजन
बंगाली समाज की दुर्गापूजा षष्ठी से आरंभ होगी। शहर कालीबाड़ी में बांधव समिति के तत्वावधान में तीन अक्तूबर से पूजन आरंभ होगा। सचिव अजीत राय के मुताबिक घट स्थापना के पश्चात चार को मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके पश्चात रोजाना शाम को यहां आरती होगी। सीपरी कालीबाड़ी समिति सचिव प्रियांशु डे के मुताबिक कालीबाड़ी में भी चार को कलश स्थापना होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें