नासिक से मजदूरों के साथ चली ललितपुर की रहने वाली महिला ने शनिवार की शाम बालाबेहट में पेड़ के नीचे ही बेटी को जन्म दे दिया। साथी महिलाओं ने नॉर्मल डिलीवरी कराने में मदद की। सूचना पर पहुंची एएनएम व गांव की महिलाओं ने जच्चा-बच्चा को नजदीकी अस्थायी शेल्टर होम में रहने की व्यवस्था कराई। रविवार को महिला को ऑटो से घर भिजवाया गया। अब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
ललितपुर के बार थानांतर्गत बरखिरिया गांव निवासी पुनू समेत कई मजदूर नासिक में मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के कारण काम-धंधे बंद हो गए। परिवहन सेवाओं पर भी रोक होने की वजह से सभी पैदल ही घर की ओर चल पड़े। बीच-बीच में कहीं साधन मिला तो ठीक वरना सैकड़ों किलोमीटर का सफर तो पैदल ही तय करना पड़ा।
सभी मजदूर जल्दी घर पहुंचने की आस में चलते जा रहे थे। कहीं खाना मिला तो ठीक वरना पानी पी-पीकर अपनी भूख मिटा रहे थे।
इसी बीच, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बॉर्डर से सटे बालाबेहट पहुंचने के बाद पुलिस-प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सभी एक पेड़ के नीचे रुक गए। पुनू की पत्नी राजा बेटी को प्रसव पीड़ा होने शुरू हो गई।
दर्द बढ़ने पर साथी महिलाओं ने घेरा बनाकर उसकी नॉर्मल डिलीवरी कराई। राजा बेटी ने एक बच्ची को जन्म दिया। सूचना पर एएनएम व गांव की महिलाएं पहुंची और नजदीकी अस्थाई शेल्टर होम में महिला व अन्य मजदूरों की शेल्टर होम में रहने की व्यवस्था कराई।