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नल से होगी प्राथमिक विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में जलापूर्ति

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प्रोजेक्ट में 15 जिलों को चयनित किया गया है। - फोटो : ???? ????
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नमामि गंगे से होगी बुंदेलखंड के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और वृद्धाश्रम में जलापूर्ति
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झांसी। नमामि गंगे के अंतर्गत जल जीवन मिशन से बुंदेलखंड के गांवों में प्राथमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और वृद्धाश्रम में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। प्रोजेक्ट के अंतर्गत शासन ने बुंदेलखंड के सात जनपद समेत प्रदेश के 15 जिले चयनित किए हैं। उप्र प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी दी गई है। उसे सौ दिन में काम पूरा करना है।
बुंदेलखंड में पानी का संकट रहता है। ऐसे में प्राथमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, कुष्ठाश्रमों और वृद्धाश्रमों में हैंडपंप ही एकमात्र सहारा होता है। हैंडपंप खराब हो जाने के बाद पानी का संकट गहरा जाता है। बच्चे कई- कई दिन तक हैंडपंप सुधरने का इंतजार करते रहते हैं। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। नमामि गंगे के अंतर्गत इन सभी जगहों पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए प्रदेश के पंद्रह जिलों में स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, कुष्ठाश्रमों और वृद्धाश्रमों में पानी का संकट दूर करने के लिए नल से जल योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत आसपास लगे हैंडपंप से पाइप लाइन डाली जाएगी। हैंडपंप में सबमर्सिबल पंप लगाया जाएगा और पानी की आपूर्ति नल के माध्यम से की जाएगी।
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विशेष सचिव राजेश कुमार पांडेय ने शासनादेश जारी करके सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, वृद्धाश्रम और कुष्ठाश्रम की रिपोर्ट मांगी है। उप्र प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। इसके अंतर्गत झांसी, ललितपुर, बांदा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, महोबा, कानपुर, औरैया, इटावा, बरेली, बदायूं समेत पंद्रह जिले शामिल हैं।
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वर्जन
आंगनबाड़ी केंद्रों खासकर जो विभागीय भवन हैं और पानी की कमी है, वहां पर आसपास के विद्यालय के हैंडपंप में सबमर्सिबल डालकर पानी की आपूर्ति की जाएगी। जिले में ऐसे लगभग तीन सौ आंगनबाड़ी केंद्र हैं। सभी पर नल से पानी की व्यवस्था की जाएगी। - नरेंद्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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