फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर पंचायत कटेरा के अध्यक्ष समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
बंगरा। नगर पंचायत कटेरा में बीते रोज हुए विवाद में अधिशासी अधिकारी (ईओ) की शिकायत पर पुलिस ने पंचायत अध्यक्ष समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। ईओ ने मारपीट व बंधक बनाने की शिकायत की थी। वहीं, महिला सभासद की ओर से ईओ के खिलाफ दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज न किए जाने से नगर पंचायत के सदस्यों में उबाल है। इससे क्षेत्र की राजनीति गरमाई हुई है।
विज्ञापन

नगर पंचायत कटेरा के कार्यालय में शनिवार की दोपहर महिला सभासद मनोरमा देवी और अधिशासी अधिकारी रामबदन यादव के बीच विवाद हो गया था। नौबत मारपीट तक पहुंच गई थी। महिला सभासद ने आरोप लगाया था कि ईओ ने अभद्र व्यवहार किया और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। ईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए सभासद ने शिकायत पुलिस से की थी। लेकिन, मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया। जबकि, ईओ ने आरोप लगाया था कि उसके साथ मारपीट की गई और बंधक बनाया गया। इस पर पुलिस ने नगर पंचायत कटेरा के अध्यक्ष मधुकर शाह बुंदेला, सुखनंदन, जगपाल, राजकुमार व एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, महिला पार्षद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज न होने से पंचायत के सदस्यों में आक्रोश है।
इस मामले में महिला पार्षद मनोरमा देवी ने कहा कि ईओ की फर्जी शिकायत पर पुलिस ने दबाव में आकर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। लेकिन, उनके साथ हुई गाली-गलौच, अभद्रता और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। ईओ के खिलाफ कार्रवाई न होने पर सभासद ने अनशन की चेतावनी दी। साथ ही महिला आयोग का दरवाजा खटखटाने की भी बात कही। महिला सभासद के समर्थन में अन्य सभासद भी आगे आ गए हैं। सभासदों का कहना है कि ईओ की मनमानी महीनों से जारी है। ईओ ने महिला सभासद के साथ खुलेआम अभद्रता की, बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस बारे में थाना प्रभारी का कहना है कि महिला की शिकायत ले ली गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। स्पष्ट जानकारी होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

उधर, नगर पंचायत अध्यक्ष मधुकरशाह बुन्देला ने कहा कि ईओ द्वारा लगाये गये सभी आरोप बेबुनियाद हैं। ईओ की मनमानी से सभी सभासद त्रस्त हैं। महिला सभासद के साथ ईओ ने अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का काम किया। ईओ द्वारा की जा रही अनियमितता का विरोध करने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें