नाले के बनने के पहले ही किया था विरोध
क्षेत्र के रहने वालों ने नाले के निर्माण को लेकर पहले ही विरोध किया था और नगर निगम के इंजीनियर से भी शिकायत की थी पर तत्कालीन नगर आयुक्त ने मामले में कोई हस्ताक्षेप नहीं किया। आलम यह हुआ कि नाले का निर्माण जस के तस कर दिया गया, जिसका खामियाजा आज तक वहां के बाशिंदे झेल रहे हैं।
आज भी नहीं मान रहे अपनी गलती
आज भी निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एलएन सिंह इंजीनियरों की गलती मानने को तैयार नहीं हैं। उनका मानना है कि घर और नालियां काफी निचाई पर निर्मित हैं जिस कारण नाले में जलभराव होने पर पानी उनमें भरना शुरू हो जाता है। हालांकि, दिखावे के लिए वहां पर काम शुरू कराया गया था और आश्वासन दिया गया था कि बरसात के पूर्व नाले को ठीक करने का काम पूरा कर लिया जाएगा पर क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नाले में किसी प्रकार से सुधारने का कोई काम नहीं हुआ।
रात में हुई बारिश हुआ जलभराव
रात में हुई बारिश से दोबारा इस क्षेत्र में जलभराव हुआ। लोग सकते में रहे कि यदि ज्यादा बारिश हो गई तो यहां दोबारा बाढ़ वाली स्थिति खड़ी हो जाएगी। हालांकि, बारिश रुकने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली पर देर रात तक इलाके में पानी भरा रहा।
नाले के निर्माण से संबंधित पूर्ण दस्तावेज अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। फोन से संपर्क कर जांच करने के लिए साथ चलने के लिए अधिशासी अभियंता से निवेदन किया पर कर्मचारी बीमार होने की जानकारी दी गई। नगर निगम के अधिकारियों का सहयोग न मिलने से रिपोर्ट नहीं बन पा रही है। इस संबंध में कमिश्नर को भी अवगत करा दिया गया है - मोहम्मद शाह आलम, मंडलीय प्राविधिक परीक्षक, टीएसी ग्राम्य विकास
इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। न ही मुझे मंडलायुक्त कार्यालय से कोई पत्र प्राप्त हुआ है। यदि ऐसा कोई पत्र मिलता है तो शत प्रतिशत कार्रवाई कराई जाएगी- रोहन सिंह, अपर नगर आयुक्त