झांसी। नगर निगम महानगर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए पूरे शहर में कार्रवाई कर फुटपाथी दुकानदारों को दौड़ा रहा है, लेकिन उसका अपने कार्यालय परिसर के बाहर फैले अतिक्रमण पर ध्यान नहीं जा रहा है। महानगर में रोज प्रवर्तन दल जगह-जगह पहुंचकर कभी फुटपाथियों को खदेड़ता है, तो कभी दुकानों को ध्वस्त कर देता है। मगर, नगर निगम कार्यालय परिसर के बाहर ही घिरी हुई सड़क को खाली कराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में अतिक्रमण हटाने की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
महानगर से अतिक्रमण हटवाने को लेकर रोज नगर निगम का प्रवर्तन दल प्रमुख बाजारों और सड़कों पर जमे फुटपाथियों को हटा रहा है। इस दौरान दुकानदारों, हाथठेला संचालकों को खदेड़ा जाता है। पिछले दिनों नगर निगम की टीम ने सीपरी बाजार में जर्मनी अस्पताल के पास खोखा लगाकर छोटा-मोटा कारोबार करने वालों के खोखे ध्वस्त कर दिए। सोमवार को कांशीराम कालोनी में झोपड़ियों और छोटी दुकानों को तोड़ा गया। मगर नगर निगम के अधिकारियों को निगम दफ्तर के बाहर ही अतिक्रमण का जाल नजर नहीं आ रहा है।
महानगर के इलाइट-सीपरी बाजार मार्ग पर निगम की दुकानों के बाहर फुटपाथ पर बाइक और कार सही की जाती हैं। वहीं तिलक मार्केट में भी दुकानदारों ने सड़क पर सामान रख लिया है। कई दुकानदारों ने तो पक्के निर्माण करा लिए हैं। इसके अलावा निगम के मुख्य गेट के बाहर ही सड़क पर बाइकों का जमावड़ा रहता है। ऐसे में नगर निगम की महानगर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई पार्षदों ने भी अतिक्रमण दल की कार्रवाई को लेकर रोष जताया है। पार्षद विकास खत्री का कहना है कि नगर निगम अतिक्रमण हटवाने के लिए दोहरा व्यवहार कर रहा है। निगम के बाहर ही अतिक्रमण है। इसे कभी नहीं हटवाया गया। पार्षद मुकेश सोनी का कहना है कि पंचकुइयां और बड़ा बाजार से अतिक्रमण अब तक नहीं हट सका है। इसे लेकर सदन में मुद्दा उठाएंगे।
महानगर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चल रहा है। निगम परिसर के बाहर से भी अतिक्रमण हटवाया जाएगा। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं।
शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त