झांसी। कोतवाली की पसरठ वाली गली में दो बेटियों की मां का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। मायके पक्ष ने बेटी के ससुराल पहुंचकर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना है लड़का न होने की वजह से बेटी के साथ मारपीट होती थी। इस वजह से उसकी हत्या कर दी गई। मायके पक्ष ने कोतवाली पहुंचकर पति, ससुर समेत अन्य ससुराल जनों के खिलाफ कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी है।
बबीना के खैलार निवासी अब्दुल मजीद खान ने अपनी बड़ी पुत्री तरन्नुम बानो (32) का निकाह 14 अक्तूबर 2014 में परसठ वाली गली निवासी आसिफ अली पुत्र शफीक अहमद से किया था। आसिफ की मानिक चौक में बैग की दुकान है। उनके दो साल की बच्ची महिरा और पांच साल की बच्ची अनाविया है। मजीद का आरोप है कि लगातार दो बेटियां होने से बेटी के ससुराल के लोग खुश नहीं थे। बेटा न होने से वह लोग तरन्नुम को ताना मारते थे। दहेज कम लाने की बात कहते हुए पांच लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहे थे। इसकी तरन्नुम फोन पर अक्सर शिकायत करती थी।
उन्होंने बताया कि 18 मार्च को तरन्नुम बानो ने फोन करके मारपीट की शिकायत की थी। उन्होंने पैसों का इंतजाम करने का भरोसा दिलाया। मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तरन्नुम ने रोते हुए फोन किया था। इसके बाद जब वह लोग उसकी ससुराल पहुंचे तब वहां कोई नहीं था। घर में ताला लगा था। पड़ोसियों ने बताया कि तरन्नुम ने फांसी लगा ली है। परिवारवाले उसे अस्पताल ले गए हैं। उधर, मायकेवालों की सूचना पर देर शाम कोतवाली पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई लेकिन तब तक तरन्नुम मौत हो चुकी थी।
बेटी की मौत से दुखी मायके वालों ने बुधवार को उसकी ससुराल पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। शाम को पिता मजीद खान ने कोतवाली पहुंचकर ससुराल जनों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। कोतवाल तुलसी राम पांडेय का कहना है मामले की छानबीन कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।