शाहजहांपुर(झांसी)। बकुवा उप स्वास्थ्य केंद्र में तलौड़ गांव की एक महिला को प्रसव के लिए लाया गया। 18 अगस्त को कृष्णकांत राजपूत की पत्नी कृष्णा देवी (24) की अस्पताल में तैनात एएनएम ने डिलीवरी कराई। परिजनों का कहना है कि डिलीवरी के दो घंटे के बाद ही शिशु की मौत हो गई। उसके बाद प्रसूता को भी छुट्टी दे दी गई। घर जाने के बाद उसे पता चला कि उसका शिशु जिंदा नहीं है। इस पर सदमे में शनिवार को सुबह उसकी भी तबीयत खराब हो गई। परिजन उसे मोंठ अस्पताल लेकर आए। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने डिलीवरी में लापरवाही का आरोप लगाकर थाने में तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तलौड़ निवासी कृष्णा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बकुवा उप स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहां पर एएनएम श्यामा दीक्षित ने डिलीवरी कराई गई। इसके बाद शिशु की मौत हो गई। उसके बाद जच्चा की छुट्टी कर घर भेज दिया था। जब महिला को शिशु की मौत के बारे में पता चला तो बह सदमे में आ गई। शनिवार को सुबह 10 बजे उसकी हालत खराब हो गई। इस पर परिजन आननफानन में मोंठ अस्पताल लाए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कृष्णा की मौत की सूचना उसके मायके थाना चिरगांव क्षेत्र के ग्राम बिठरी में दी गई। परिजनों ने शाहजहांपुर थाने में भी तहरीर दी। परिजनों का आरोप है कि बकुवा के स्वास्थ्य उप केंद्र पर स्टाफ ने डिलीवरी के 2 से 3 घंटे के बाद छुट्टी कर दी थी। जबकि आदेश है कि डिलीवरी के 24 घंटे बाद छुट्टी की जाती है। स्टाफ की लापरवाही से कृष्णा की मौत हो गई है।
बकुवा उप स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एएनएम श्यामा दीक्षित का कहना है कि कृष्णा देवी की आठवें महीने में डिलीवरी थी। बच्चा पेट में ही मर गया था। कृष्णा देवी के परिजनों से कहा था कि बच्चा खत्म हो गया है। कृष्णा देवी की हालत खराब है। इन्हें मोठ सीएचसी या झाँसी मुख्यालय पर ले जाएं। उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। जच्चा की हालत में सुधार न होने पर परिजनों से बार-बार मोंठ सीएचसी या जिला मुख्यालय ले जाने को कहा गया लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। उन पर लापरवाही के सारे आरोप गलत हैं।