फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेमिंग एप के जाल में फंस रहे नाबालिग: नाम का प्रतिबंध...हर महीने दांव पर लग रही 100 करोड़ की मोटी रकम

Thu, 23 Oct 2025 02:36 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

वित्तीय लेनदेन करने वाले मोबाइल गेमिंग एप पर सरकार प्रतिबंध लगा चुकी है लेकिन हकीकत यह है कि साइबर दुनिया में अभी भी धड़ल्ले से कई ऐसे एप आसानी से डाउनलोड किए जा रहे जो सट्टेबाजी के साथ ही हार-जीत होने पर इनाम की रकम देने की बात कहते हैं।
विज्ञापन
गेम - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वित्तीय लेनदेन करने वाले मोबाइल गेमिंग एप पर सरकार प्रतिबंध लगा चुकी है लेकिन हकीकत यह है कि साइबर दुनिया में अभी भी धड़ल्ले से कई ऐसे एप आसानी से डाउनलोड किए जा रहे जो सट्टेबाजी के साथ ही हार-जीत होने पर इनाम की रकम देने की बात कहते हैं। इन मामलों की जांच पड़ताल से जुड़े पुलिस अधिकारियों का भी मानना है कि करीब 100 करोड़ रुपये हर महीने दांव पर लगाया जा रहा है।
विज्ञापन


पिछले कुछ माह के भीतर तमाम ऐसे मामले आए, जिनमें नाबालिगों को मोबाइल गेमिंग एप के जाल में फंसकर आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। ऐसे मामलों को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के जरिये उन मोबाइल गेमिंग एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है, जहां वित्तीय लेन-देन होता है। हालांकि, अब भी बहुत से ऐसे गेमिंग एप हैं जो उनकी कंपनी की वेबसाइट से सीधे डाउनलोड किया जा सकते हैं। इनका विज्ञापन सबसे अधिक टेलिग्राम चैनल के माध्यम से होता है। फेसबुक और इंस्टाग्राम की फीड में भी इनके विज्ञापन नजर आते हैं। जीती हुई रकम तुरंत अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने की सुविधा के झांसे में आकर लोग इसे खेलने के आदी बन जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि झांसी में ही दो दर्जन से अधिक स्थानीय स्तर के गेमिंग प्लेटफार्म हैं। इन पर सट्टे से लेकर तमाम तरीके के दांव खेले जाते हैं। नए लोगों को पहले गेम जिताया जाता है, जिससे उनका लालच बढ़े। बाद में मोटी रकम लगाने पर उन्हें हराकर रुपये हड़प लिए जाते हैं। ऐसे लोग खुद को हारा हुआ मानकर कहीं शिकायत भी नहीं करते हैं।

पिछले माह पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ा था। उनसे मालूम चला था कि गैंग का सरगना दुबई में रहता है। भारत में नेटवर्क से जो भी फायदा होता था, उसे सरगना को भेज दिया जाता था। एसपी सिटी प्रीति सिंह का कहना है कि जिस भी एप की शिकायत मिलती है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें