रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विवि के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. सुशील कुमार सिंह ने किसानों को बैगन की खेती करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बैगन ऐसी फसल है जो पूरे वर्षभर उपलब्ध रहती है। किसान इसकी खेती किसी भी मौसम में आसानी से कर सकते हैं।
डॉ. सिंह ने बताया कि बैगन की खेती रेतीली से लेकर चिकनी मिट्टी तक में की जा सकती है। जाड़े के मौसम में फसल के लिए अक्तूबर के द्वितीय पक्ष से नवंबर के प्रथम सप्ताह तक नर्सरी तैयार करें। नर्सरी के लिए 300 से 350 ग्राम बीज पर्याप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि जब पौधे 40 से 50 दिन के हो जाएं तो उनकी रोपाई करें। इसके 45 से 50 दिन बाद बैगन की पहली तुड़ाई की जा सकती है और तीन बार तक की तुड़ाई लाभप्रद है। बैगन की प्रमुख किस्में बैंगनी, हरी और सफेद हैं। बुंदेलखंड में हरी किस्म की अधिक मांग रहती है। उन्होंने बताया कि उचित प्रबंधन से किसान प्रति हेक्टेयर 300 से 350 क्विंटल तक की उपज ले सकते हैं।