झांसी। नगर निगम में प्रीमियम पार्किंग में हजारों वाहनों का रिकॉर्ड गायब होने के मामले में अब 12 अक्तूबर को आयुक्त कार्यालय में दोपहर एक बजे से बैठक होगी। आयुक्त ने जांच कमेटी के अधिकारियों को बुलाया है। कंपनी के प्रतिनिधि की सुनवाई के लिए अगल से तिथि निर्धारित की जाएगी।
नगर निगम के स्वामित्व वाली मिनर्वा, रानी महल, मंडी रोड, बस स्टैंड, जर्मनी हॉस्पिटल समेत 12 स्थानों पर प्रीमियम पार्किंग संचालित हैं। इनकी कुल क्षमता 1,010 चार पहिया और 1,573 दो पहिया वाहनों की है। इनके संचालन के लिए निगम ने पिछले वित्तीय वर्ष में निविदा प्रक्रिया शुरू की थी। आरोप है कि ठेका मिलने के बाद फर्म ने पार्किंग के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित कर दीं। 24 घंटे की पार्किंग दर भी तय की गई। करीब पांच महीने पहले नगर निगम की ओर से ही कराई गई आंतरिक जांच में हजारों वाहनों का रिकॉर्ड गोल होने की बात सामने आई थी। इस पर निगम प्रशासन ने ठेका लेने वाली फर्म पर 20 करोड़ रुपये की देनदारी निकाल दी थी। फर्म को नोटिस भी दिया गया था। अब यह मामला मंडलायुक्त के पास पहुंच गया है। पूर्व में इस मामले में 10 सितंबर को होने वाली बैठक स्थगित हो गई थी। अपर नगर आयुक्त राहुल कुमार यादव ने बताया कि अब मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने इस मामले में जांच कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक 12 अक्तूबर को बुलाई है।