झांसी शहर के चर्चित मीना सोनी हत्याकांड के कई राजों से अब जल्द ही पर्र्दा उठेगा। मुख्य आरोपी संजय वर्मा को हाईकोर्ट से स्टे खत्म होने के बाद पुलिस ने रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस हत्याकांड से लेकर शव फेंकने तक की जानकारी हासिल करेगी। यह भी पता करेगी कि मीना की हत्या के कारण कौन थे। वर्तमान में आरोपी धोखाधड़ी के मामले में जालौन जेल में बंद है।
थाना नवाबाद क्षेत्र से अपहृत मीना सोनी की हत्या के मामले में पुलिस ने कोतवाली के डड़ियापुरा शिव परिवार कॉलोनी निवासी जितेंद्र राय, जालौन के राजेंद्र नगर निवासी नरेंद्र, बैंकर्स कॉलोनी निवासी सर्वेश कुमार और थाना सीपरी बाजार स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी जयनारायण लिटौरिया को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के लिए चारों को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। चारोें ने कुबूला था कि संजय वर्मा ने दवा के धोखे में जहर खिलाकर मीना की हत्या करने के बाद उसका शव कालपी स्थित यमुना नदी में फेंक दिया था। वे भी इस घटना में उसके साथ थे। पुलिस ने शव को बरामद करने के प्रयास भी किए थे, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी। आरोपी संजय वर्मा की हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे होने के चलते पुलिस पूछताछ नहीं कर सकी थी। पुलिस ने यमुना में शव की भी खोजबीन की थी, लेकिन आरोपी से पूछताछ न होने के कारण पुलिस को मदद नहीं मिल सकी थी। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजने के बाद स्टे खारिज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। 15 नवंबर को अदालत से स्टे खारिज होने के बाद पुलिस ने संजय वर्मा को रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है। रिमांड पर लेने के बाद पुलिस हत्या से लेकर शव फेंकने की जानकारी हासिल करेगी।