मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी विभाग बेहतर, दंत व त्वचा फिसड्डी
आयुष्मान भारत योजना सीरीज - 09
झांसी। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में कुछ विभागों ने तो अच्छा प्रदर्शन किया है, वहीं कुछ की स्थिति बदतर है। जनरल मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग विभाग में मरीजों को बेहतर इलाज हो रहा है, जबकि डेंटल व स्किन रोग विभाग फिसड्डी साबित हो गए हैं। हालांकि, इसके पीछे का कारण संसाधन और चिकित्सकों की कमी भी है।
मेडिकल कॉलेज में दंत रोग विभाग में आने वाले मरीजों को सामान्य इलाज ही मिल पाता है। यहां संसाधनों की कमी है। अब तक एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। जबकि, त्वचा रोग विभाग के दो डॉक्टरों का शासन की ओर से गैर जनपद तबादला कर देने की वजह से इसकी भी हालत खस्ता हो गई है। इस विभाग की ओपीडी के लिए भी दोपहर 12 बजे तक ही पर्चे बनते हैं। इस विभाग में अब तक एक भी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है। वहीं, जनरल मेडिसिन विभाग में प्रतिदिन तीन से चार मरीज भर्ती होते हैं। अब तक साढ़े छह सौ से ज्यादा मरीजों का भर्ती कर इलाज किया जा चुका है। जनरल सर्जरी में रोज दो से तीन मरीज भर्ती किए जाते हैं। अब तक तीन सौ से अधिक मरीजों का इलाज हुआ है। हड्डी रोग विभाग की स्थिति भी ठीक है। यहां रोजाना दो-तीन रोगी को भर्ती किया जा रहा है। अब तक 260 मरीजों का भर्ती कर उपचार किया जा चुका है। ओंकोलॉजी विभाग में एक-दो मरीज प्रतिदिन भर्ती किए जा रहे हैं। अब तक एक सौ नब्बे से अधिक मरीजों का उपचार भर्ती कर हो चुका है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में अब तक 115 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। पीडियाट्रिक्स में 94 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। रोजाना एक-दो मरीज बाल रोगी विभाग में भर्ती होते हैं। वहीं, आप्थलमोलॉजी, ईएनटी और साइकेट्री विभाग की स्थिति सामान्य हैं। आप्थलमोलॉजी विभाग में 51, ईएनटी विभाग में 35 और साइकेट्री विभाग में 18 मनोरोगियों का इलाज हुआ है।
अमर उजाला का अभियान
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को एक साल पूरा हो चुका है। इतना लंबा समय गुजरने के बाद भी सरकार की नि:शुल्क इलाज देने की मंशा अब तक अधूरी है। इस योजना के अंतर्गत जनपद की स्थिति और लाभार्थियों की समस्याओं को लेकर अमर उजाला अभियान चला रहा है। अभियान के तहत लगातार सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कर योजना की हकीकत बयां की जा रही है।
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