झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम ने जटिल ऑपरेशन कर महिला को नई जिंदगी दी है। एक ग्राम हीमोग्लोबिन वाले मरीज का ह्रदय दवाओं के सहारे चल रहा था। मरीज डेथ ऑन ओटी टेबल की स्थिति में पहुंच गई थी। ऑपरेशन के बीच में मरीज को दो बार सीपीआर भी देना पड़ा। अंतत: उसकी जान बचा ली गई।
बबीना के एक अस्पताल से महिला को सामान्य प्रसव के आठ घंटे बाद बहुत ही गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्त्राव होने के कारण महिला की स्थिति काफी नाजुक थी। यहां सहायक आचार्य डॉ. रजनी गौतम, सीनियर रेजिडेंट डॉ. गौहर और एनेस्थीसिया विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. फरहाद, डॉ. हिमांशु की टीम ने लगभग दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद मरीज को ट्रामा सेंटर से वेंटिलेटर पर शिफ्ट करवाया। डॉ. रजनी ने बताया गया कि मरीज की कनाडी (प्लेसेंटा) का अधिकांश भाग बच्चेदानी से चिपका हुआ था, जो रक्तस्त्राव की वजह था। मरीज की नाड़ी और रक्तचाप भी काफी कम था। मरीज को दो बार सीपीआर दिया गया। उसके बाद बच्चेदानी भी निकालनी पड़ी। ओटी टेबल पर ही मरीज को तीन यूनिट रक्त चढ़ाना पड़ा। कुल मिलाकर सात यूनिट ब्लड मरीज को चढ़ाया गया। अब मरीज की हालात पहले से काफी ठीक है।