झांसी। मेडिकल कॉलेज की साफ-सफाई पर हर माह 99 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन हालात बदतर हैं। मेडिकल वेस्ट (सिरिंज, खून से सनी रुई व पट्टी आदि) खुले में फेंकी जा रही है।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी व वार्डों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को पैक करके निस्तारण के लिए भेजा जाना चाहिए मगर ऐसा नहीं हो रहा है। दो दिन पहले वार्डों के शौचालय में मेडिकल वेस्ट पड़ा होने की वजह से दुर्गंध फैल रही थी। जब खुलासा हुआ तो सफाईकर्मियों ने मेडिकल वेस्ट सड़क किनारे फेंक दिया।
बुधवार को रेडियोलॉजी विभाग के सामने काफी मात्रा में मेडिकल वेस्ट पड़ा था, इसमें खून से सनी रूई व पट्टी देख हर कोई विचलित हो रहा था। इंजेक्शन व सिरिंज भी पड़ी हुई थी। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने कहा इस तरह से मेडिकल वेस्ट फेंकना गलत है। सुपरवाइजर को नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो