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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का अस्पताल का भवन 174 करोड़ रुपये की लागत से 10 वर्ष में बनकर तैयार हो गया है। तीन मंजिला अस्पताल का हर जनरल वार्ड 12 अथवा 13 बेड का होगा। सेमी प्राइवेट वार्ड में 52 बेड तथा प्राइवेट वार्ड में 32 बेड होंगे। आठ ऑपरेशन थियेटर हैं। दावा है 31 मार्च तक अस्पताल को चालू कर दिया जाएगा।
500 बेड के अस्पताल में चार प्रवेश-निकास द्वार हैं। रोगियों के आने-जाने के लिए बड़ा रास्ता भी बनाया गया है, जो सीधे ट्रॉमा सेंटर के पोर्च में पहुंचेगा। पोर्च में घुसते ही 20-20 लोगों को आवागमन कराने वाली चार, वार्डों के पास दो व ऑपरेशन थिएटर के पास दो लिफ्ट लगी हैं। यदि हार्ट अटैक, बुखार, ब्रेन हैम्ब्रेज, विषाक्त पदार्थ के सेवन आदि का रोगी होगा तो वह सीधे लिफ्ट से पहली मंजिल पर बनी इमरजेंसी में पहुंचेगा।
भूतल तथा प्रथम मंजिल पर अलग-अलग इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर (ईएमओ) की ड्यूटी होगी। खून-पेशाब, एक्सरे, सीटी आदि की जांच की व्यवस्था भी इसी भवन में होगी। दूसरी मंजिल पर ब्लड बैंक है, जहां रोगियों के लिए खून उपलब्ध होगा व रक्तदान की भी सुविधा होगी।
0- वार्डों से जुड़ा हैं 500 बेड का अस्पताल
500 बेड का अस्पताल वर्तमान में चल रहे वार्डों से कनेक्ट किया गया है ताकि सभी बेड फुल होने पर रोगियों को आसानी से शिफ्ट किया जा सके। भूतल का हिस्सा आर्थों के वार्ड के पास खुल रहा है, जहां से आसानी से आवागमन भी हो सकेगा।
0- छह साल बंद रहा निर्माण
10 साल पहले अस्पताल के निर्माण का बजट 1.37 अरब रुपये तय हुआ। कुछ समय बाद अस्पताल वातानुकूलित करने और धनराशि मिलने में देरी के कारण बजट संशोधित होकर 1.74 अरब हो गया। वर्ष 2016 में बजट नहीं मिला तो निर्माण कार्य छह साल तक ठप रहा। मई 2023 में शासन ने बजट जारी कर दिया तब इसका निर्माण तेजी से शुरू हुआ।
0-वर्जन
अस्पताल के लिए आने वाले जीवनरक्षक उपकरणों की टैक्नीकल बिड हो चुकी है। उम्मीद है 10-15 दिन में उपकरण आने शुरू हो जाएंगे। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि 31 मार्च तक अस्पताल को चालू करवा दिया जाए।
डॉ. मयंक सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज