झांसी। कोरोना वायरस के चलते छुट्टी पर चले गए एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई लगभग 50 फीसदी ही पूरी हो सकी है। इस कारण शासन ने चिकित्सा शिक्षकों (डॉक्टरों) को सर्दियों में मिलने वाला 15 दिन का अवकाश निरस्त कर दिया है। वहीं, सत्र भी इस बार एक महीने देरी से पूरा हो सकेगा।
कोरोना महामारी का असर एमबीबीएस के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। महामारी का असर बढ़ने के कारण छात्र-छात्राएं अपने-अपने घर चले गए थे। कोविड दौर में चिकित्सकों के दिन-रात ड्यूटी में जुटे रहने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई। ऑनलाइन पढ़ाई कराने के बावजूद किसी का 40 प्रतिशत तो किसी का 50 फीसदी कोर्स ही पूरा हो सका। जनवरी से प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष के एमबीबीएस छात्र-छात्राएं पहले की तरह कक्षाओं में आकर पढ़ाई करने लगे हैं। ऐसे में अब शासन ने कोर्स पूरा कराने के लिए चिकित्सा शिक्षकों के 15 दिन का शीतकालीन अवकाश निरस्त कर दिया है। डीन डॉ. संजया शर्मा ने बताया कि कोविड दौर में भी एमबीबीएस छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाती रही। बचा हुआ कोर्स भी समय रहते पढ़ाई पूरा हो जाएगा। जनवरी में सप्लीमेंट्री परीक्षा शुरू हो जाएगी। फरवरी में प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षा होगी। 2016, 2017 और 2018 बैच के छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं अप्रैल में होंगी। वहीं, प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि शासन की तरफ से आदेश प्राप्त होने के बाद चिकित्सा शिक्षकों की छुट्टियां निरस्त करने के संबंध में आदेश निकाल दिया गया है।