झांसी। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत जिले के छह स्थानों पर कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन हुआ। इस दौरान कोरोना वैक्सीन लगाने का रिहर्सल किया गया। वैक्सीन लगाने के बाद किसी भी तरह की आकस्मिक परिस्थिति उत्पन्न होने की संभावनाओं के चलते भी मरीज के इलाज की मॉक ड्रिल की गई। मेडिकल कॉलेज में लगभग 50 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगवाने के लिए आना था मगर आधे ही पहुंचे।
जनपद में तीन शहरी और तीन ग्रामीण इलाकों में कोरोना का ड्राई रन तय था। इसके मद्देनजर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, आयुर्वेदिक कॉलेज, सीएचसी चिरगांव, बबीना और बरुआसागर को ड्राई रन के लिए चुना गया। ड्राई रन में शामिल हेल्थ केयर वर्कर्स की सबसे पहले गेट पर तैनात पुलिस कर्मचारी ने आधार कार्ड के आधार पर पहचान की। उसके बाद सूची में उसे अंकित किया। अंदर पहुंचे स्वास्थ्य कर्मचारी को प्रतीक्षा कक्ष में बैठकर फॉर्म भरवाया गया। फिर एक अन्य कर्मचारी द्वारा वैक्सीनेशन को पहुंचे हेल्थ केयर वर्कर्स की कोविन एप में फीडिंग की गई। इस औपचारिकता के बाद वैक्सीनेशन कक्ष में पहुंचे स्वास्थ्य कर्मचारी को वैक्सीन लगाई गई। इसके बाद आधे घंटे के लिए उसे ऑब्जर्वेशन रूम में रखा गया। ड्राई रन के मद्देनजर लॉजिस्टिक की उपलब्धता कराई गई। टीकाकरण सत्र पर किसी प्रतिकूल घटना एईएफआई केस के मैनेजमेंट का मॉक ड्रिल और यदि कोई उपद्रव करता है, ऐसी स्थिति को संभालने के लिए पुलिस के हस्तक्षेप पर भी ड्राई रन किया गया। जिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. केके गुप्ता ने सारी व्यवस्थाओं को परखा। मेडिकल कॉलेज में डीएम आंद्रा वामसी, प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. अंशुल जैन, डॉ. एनके जैन, डॉ. सुधीर कुलश्रेष्ठ, डॉ. अनुराधा राजपूत मौजूद रहीं।