झांसी। मां अन्नपूर्णा अपने भक्तों को हमेशा धन धान्य से समृद्ध करती हैं। पानी वाली धर्मशाला पर मां अन्नपूर्णा का बेहद प्राचीन मंदिर है। इस देवी मंदिर में साल भर श्रद्धालुओं की ओर से कार्यक्रम किए जाते हैं। वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ माता रानी का विशेष दिवसों पर देसी - विदेशी फूलों, पत्तियों एवं मेवा से विशेष श्रृंगार होता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मां अन्नपूर्णा जगदंबा का एक रूप है। इनकी कृपा से संसार के सभी प्राणियों को भोजन प्राप्त होता है। इनकी भक्ति से दरिद्रता समाप्त होती है। महानगर में मां अन्नपूर्णा का लगभग चार सौ वर्ष पुराना मंदिर है। मंदिर को गोसाईं युग से पहले का माना जाता है। मंदिर में मां अन्नपूर्णा कमल पर विराजमान हैं। पुजारी एवं श्रद्धालुओं के अनुसार वर्ष के सभी छोटे - बडे़ तीज त्योहारों पर मंदिर में कार्यक्रम होते हैं। माता के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
हमारा प्रतिदिन का नियम है। पहले मंदिर में माता के दर्शन करती हूं। इसके बाद अन्य कोई काम करती हूं। माता सभी कष्ट दूर करती हैं।
गीता श्रद्धालु
मंदिर में माता के दरबार में रोज सेवा करती हूं। अन्नापूर्णा माता की भक्ति मेरा परिवार वर्षों से कर रहा है। वह सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
कुसुम श्रद्धालु
माता अन्नपूर्णा धन धान्य की देवी हैं। हमेशा वह अपने भक्तों को खुशहाल रखती हैं। मंदिर में प्रतिदिन माता के दर्शन के लिए आती हूं।
ममता श्रद्धालु
अन्नपूर्णा माता का मंदिर काफी प्राचीन है। सभी तीज त्योहारों पर माता का विशेष श्रृंगार और आरती की जाती है। नवरात्र पर भी विशेष कार्यक्रम होंगे।
राजेंद्र पंडा पुजारी