झांसी। मंगला एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों के मोबाइल चोरी करने के बाद बदमाश ने उनको एसी कोच के शौचालय में रखे डस्टबिन में डाल दिया। यात्रियों को जब मोबाइल चोरी होने का पता लगा तो हंगामे जैसी स्थिति बन गई। तलाशी के दौरान कोच टीटीई को नौ मोबाइल डस्टबिन में पड़े मिल गए। टीटीई ने झांसी में मोबाइल आरपीएफ को सौंप दिए। आरपीएफ ने जीआरपी को दिए। जीआरपी ने पहचान पुख्ता करने के बाद छह मुसाफिरों को उनके मोबाइल लौटा दिए। तीन मोबाइल के मालिकों का पता नहीं चल सका।
बुधवार की रात अर्नाकुलम से निजामुद्दीन जाने वाली 02617 मंगला एक्सप्रेस के वातानुकूलित ए वन व ए टू कोच में सवार मथुरा के बालाजीपुरम निवासी शिवम, अमेठी के टांडा थाना क्षेत्र के कोडरा निवासी विक्रमाजीत, हरियाणा के नगीना क्षेत्र के नागल पुवारी नगला निवासी मोहम्मद रफीक, कालीकट निवासी अमीन अहसान व अली अहमद और उन्नाव जिले के अवराम थाना क्षेत्र चखवाय नगर निवासी मोहम्मद सलीम सफर कर रहे थे। चलती ट्रेन में उनके मोबाइल चोरी हो गए। ट्रेन जब भोपाल व बीना स्टेशनों के बीच दौड़ रही थी, तभी उक्त यात्रियों को मोबाइल चोरी होने का पता चला। उन्होंने मामले की जानकारी कोच टीटीई यशवंत भैंसारे को दी।
एक यात्री शिवम ने आरपीएफ हेल्पलाइन नंबर 182 पर भी जानकारी दी। वहीं, यात्रियों ने बदमाश की सभी कोचों में तलाश शुरू कर दी। इससे देखते ही देखते ट्रेन में हंगामे जैसी स्थिति बन गई। तलाशी में बदमाश तो हाथ नहीं आ सका, लेकिन टीटीई को ए वन कोच के शौचालय के डस्टबिन में नौ मोबाइल पड़े मिल गए। ट्रेन के झांसी आने पर कोच टीटीई ने मौके पर पहुंचे आरपीएफ उपनिरीक्षक घनेंद्र सिंह, एएसआई विमल कुमार पांडे व जीआरपी आरक्षी आनंद कुमार को मोबाइल सौंप दिए। पीड़ित छह यात्री भी झांसी में उतर गए। बाद में जीआरपी प्रभारी निरीक्षक चंद्रभूषण यादव ने पहचान पुख्ता करने के बाद यात्रियों को उनके मोबाइल लौटा दिए।