शहर में मिलेगा जंगल घूमने जैसा आनंद
झांसी। सैलानियों के लिए राजकीय उद्यान नारायण बाग को और रोचक बनाया जा रहा है। इसमें दो किलोमीटर का आकर्षक पाथ वे तैयार किया जा रहा है, जो सैलानियों को जंगल में भ्रमण करने जैसा आनंद दिलाएगा। नारायण बाग का एक हिस्सा जंगल की तरह है, जिसमें मोरों के झुंड, खरगोश, अजगर, जंगली नेवला आदि छोटे-बडे़ पशु व पक्षी विचरण करते हैं। इसके अलावा बाग में पांच हजार और भी पौधे रोपे जा रहे हैं।
बुंदेलखंड में नारायण बाग को काफी पुराना माना जाता है। लक्ष्मी तालाब से सटे इस बाग में लगभग 200 वर्ष पुराना केवड़ा का बाग भी है। संपूर्ण नारायण बाग के कायाकल्प के लिए शासन ने लगभग 86 लाख रुपये खर्च किए थे। 106 एकड़ के इस बाग में कई विकास कार्य कराए गए थे। अब नारायण बाग में पांच लाख रुपये से अधिक लागत में पाथ वे तैयार हो रहा है, जो दो किलोमीटर का होगा। उद्यान प्रभारी जालिम सिंह यादव ने बताया कि इस पाथ वे पर चलकर लोग शहर में जंगल जैसे भ्रमण का आनंद ले सकेंगे। निर्माण कार्य मार्च तक पूरा हो जाएगा। पाथ वे में बैठने के लिए बैंच रहेंगी तथा योग के लिए भी जगह रहेगी। उन्होंने बताया कि नारायण बाग में एक हिस्सा घने जंगल की तरह है, जिसमें प्रवेश करना काफी मुश्किल रहता है।
औषधीय नर्सरी हो रही तैयार
नारायण बाग में जल्द ही कई दुर्लभ प्रजातियों के शोभाकार पौधा लगाए जा रहे हैं। इनमें एरिका पाम, फाइकर्स, चक्रेसिया, नीला गुलमोहर, अमलताश, एलवा चंपा, प्राइज आफ इंडिया, गंधराज, चमेली, रात की रानी तथा बेला की कई प्रजातियों के पौधे लगेंगे। इसके अलावा चार लाख रुपये से औषधीय नर्सरी भी तैयार हो रही है। इसमें सिंदूर, कपूर, पीपली, शतावर, सर्पगंधा, मुलैठी, रतन ज्योति, कोंच, शंखपुष्पी, लाजवंत आदि पौधे हैं, जो कलकत्ता से खरीदे जा रहे हैं। इसके अलावा चार हजार जाड़ों के मौसमी फूलों के गमले भी तैयार हो गए हैं, जो प्रधानमंत्री की रैली में बनाई गई रंगोली में रखे गए थे।