बुंदेलखंड के रत्न हैं राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त
झांसी। राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की जयंती पर महानगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें 12 स्कूलों के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा समाजसेवियों ने हिस्सा लिया। शोभायात्रा का लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रकवि बुंदेलखंड के रत्न हैं।
सुभाष गंज स्थित गोविंद जी मंदिर से अखिल भारतीय गहोई वैश्य प्रगति मंच झांसी के तत्वावधान में निकाली गई शोभायात्रा में विद्यार्थी राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त अमर रहे के जयकारे लगा रहे थे। शोभायात्रा में महारानी लक्ष्मीबाई, मां सरस्वती, भारत माता, स्वामी विवेकानंद, राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त, सुभाष चंद्र बोस आदि के स्वरूप और स्कूली बैंड शामिल रहे। सुभाष गंज, मालिनों का चौराहा, गंधीगर का टपरा सहित कई प्रमुख स्थानों पर भ्रमण करने के बाद शोभायात्रा गहोई वैश्य धर्मशाला में कार्यक्रम के रूप में परिवर्तित हो गई। यहां बच्चों को उपहार प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी नगेंद्र शर्मा, अध्यक्ष अनिल पटवारी, महामंत्री बृजमोहन नीखरा, केदार नाथ पहारिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी, श्री प्रकाश नौगरैया, डा. धीरेंद्र लोहिया, अनिल नौगरैया, मैथिलीशरण सेठ आदि मौजूद रहे।
इधर जन सत्ता दल (लोकतांत्रिक) के कार्यालय में बुंदेलखंड प्रभारी डा. मधुपाल सिंह, प्रदीप रायकवार, साकेंद्र सिंह, विजय नामदेव, प्रशांत तिवारी आदि ने राष्ट्रकवि के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रकवि बुंदेलखंड के रत्न हैं। इधर बुंदेलखंड साहित्य संगीत कला संस्थान के कार्यालय में रवीश त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रकवि के साहित्य को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस अवसर पर गौरी शंकर उपाध्याय, अखिलेश पांडेय, अंकुर अग्रवाल आदि मौजूद रहे। अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज विकास एवं शोध संस्थान के सागर सोनी, दिलीप महोबिया ने राष्ट्रकवि के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।