झांसी। कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों के हत्यारे विकास दुबे के कई वर्दी वालों से रिश्ते उजागर हो चुके हैं। इस खुलासे के बाद सभी जगह पड़ताल शुरू हो गई है। झांसी और आसपास के जनपदों में भी कई पुलिस वाले रडार पर आ गए हैं। कुछ ऐसे पुलिस वालों की भी सूची तैयार की जा रही है जिन्हें एक ही जनपद में लंबा समय बीत गया है। जिस तरह से कवायद चल रही है उस हिसाब से पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल भी किया जा सकता है।
यूं तो पुलिस महकमे के तमाम लोग अपराधियों के संबंधों को लेकर पहले भी जांच के घेरे में आते रहे हैं लेकिन कानपुर कांड के बाद बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने विकास के एक गुर्गे को गिरफ्तार किया है जिसने बताया था कि पुलिस पहुंचने से पहले ही थाने से फोन आ गया था। यहां बड़ी कार्रवाई की जा रही है। बालू माफियाओं से भी पुलिस वालों के गहरे रिश्ते सामने आ चुके हैं। झांसी मंडल में ही 20 पुलिस वालों की जांच की जा रही है। कुछ लोगों ने पुलिस वालों की शिकायतें शासन तक की हैं। शासन के आदेश पर भी एजेंसियां पड़ताल करा रही हैं। बुुंदेलखंड के साथ-साथ मध्य प्रदेश पुलिस ने उत्तर प्रदेश से लगते इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है। ग्वालियर और चंबल इलाके की पुलिस लगातार यूपी पुलिस के संपर्क में है। ग्वालियर रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजाबाबू सिंह ने बताया कि कानपुर की घटना के बाद हम लगातार सीमावर्ती जिलों में नजर रख रहे हैं। हम यूपी पुलिस और उनकी एसटीएफ के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
नंबर 1
- 17 अप्रैैल 2018 को जिले के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख व इनामी बदमाश लेखराज के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें इंस्पेक्टर ने इनामी बदमाश से एनकाउंटर लीक करने की बात कही थी। इंस्पेक्टर ने फोन पर कहा था कि कि जान बचानी है तो बीजेपी नेता को मैनेज कर लो। ऑडियो वायरल होने के बाद जांच हुई थी और इंस्पेेक्टर बर्खास्त हुआ था।
नंबर 2
बरुआसागर थाना क्षेत्र में 10 जून को कारोबारी की चांदी की सिल्लियां हड़प ली थीं। बाद में कारोबारी को 85 हजार रुपये में छोड़ा गया था। इस मामले में बरुआसागर थाना प्रभारी दीपक मिश्रा को लाइन हाजिर करने के साथ ही उपनिरीक्षक अरुण कुमार, राधा विनोद, सिपाही शिवकुमार व कंप्यूटर ऑपरेटर अजय कुमार को निलंबित कर दिया गया था। जांच दौरान उपनिरीक्षक राधा विनोद, अरुण कुमार व कांस्टेबल शिवकुमार पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
नंबर 3
पिछले साल सितंबर में भी मोंठ क्षेत्र के एक इंस्पेक्टर व खनन माफिया के बीच लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था, जिसमें पुलिस ने एनकाउंटर कर उसे मार गिराया था। इस मामले में भी पुलिस पर आरोपी के साथ साठगांठ के आरोप भी खूब लगे।
ऐसे मामलों में अधिकारी स्तर पर जांच की जा रही है। कुछ मामलों में कार्रवाई भी की जा चुकी है। दोषी पुलिसकर्मियाें पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। गोपनीय टीमों को भी लगाया गया है।
सुभाष सिंह बघेल, आईजी
भिंड और मुरैना जिले के एसपी को सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। बॉर्डर के थानों पर भी चेकिंग के साथ हाइवे पर गश्त बढ़ा दी गई है। टीमें लगातार इलाकों में गश्त कर रही हैं।
राजेश हिंगानकर, उप महानिरीक्षक - चंबल रेंज