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Jhansi News: सीएचसी में चार वर्ष से मशीन खराब, नहीं हो पा रही जांच

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संवाद न्यूज एजेंसीमऊरानीपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बायोकेमिस्ट्री मशीन चार वर्ष से खराब है। इससे एलएफटी, केएफटी, यूरिक एसिड, ब्लड यूरिया आदि की जांच नहीं हो पा रही हैं। लोगों को बाहर से महंगी दर पर जांचें कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 2018 में बायोकेमिस्ट्री मशीन आई थी। दो वर्ष बाद उक्त मशीन खराब हो गई। इसे लेकर संबंधित कंपनी एवं जिले के संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र भेजे गए, लेकिन चार साल हो जाने के बाद भी मशीन नहीं बन सकी। इससे चार वर्ष से उक्त जांचें नहीं हो पा रही हैं। फिलहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया, शुगर, हीमोग्लोबिन, पीएलसी, डीएलसी, यूरिन, सीबीसी, डैंगू, हेपेटाईटिस, एचआईबी, टीबी की जांच की जा रही है।



सीएचसी अधीक्षक डाॅ. आरजे सिंह ने बताया कि कई बार जिले के अधिकारियों को बायोकेमिस्ट्री मशीन को सुधरवाने के लिए पत्र भेजे गए, लेकिन अभी तक मशीन नहीं सुधर सकी।
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एक्सरे और लिवर जांच के लिए भटक रहे लोग

- टेक्नीशियन की तैनाती न होने से ताले में बंद हैं मशीनें



04मोंठपीएच5,कैप्सन- मोंठ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक्सरे और लिवर की मशीने ताले में बन्द
मोंठ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ में आधी-अधूरी जांच हो रही हैं। खून की अधिकांश जांच तो हो रहीं, लेकिन लिवर और किडनी की जांच नहीं हो रही हैं। लिवर और किडनी फंक्शन की जांच के लिए सिलेक्ट्रा मशीन लगा दी गई है, लेकिन ऑपरेटर नहीं है। अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन लगी है, लेकिन टेक्नीशियन की पोस्टिंग नही है। इस कारण दोनों मशीनें ताले में बंद है और लोगों को इसका लाभ नही मिल रहा है। अल्ट्रासाउंड मशीन भी नहीं है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए भटकना पड़ता है।



सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी, एचआईवी, ब्लड ग्रुप, हेपेटाइटिस, बलगम, मलेरिया, टाइफाइड, डायबिटीज, बीपी, डेंगू से पीड़ित मरीजों के लिए खून की जांच की सुविधा अस्पताल में मिल रही है, लेकिन लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट की सुविधा अस्पताल में नहीं है। बताया गया है कि इसके लिए जो सिलेक्ट्रा मशीन अस्पताल में लगाई गई है, वह निजी कंपनी की है और कंपनी ने ऑपरेटर देने से मना कर दिया है। यही हाल डिजिटल एक्सरे मशीन का है। इसके लिए अस्पताल के अधीक्षक की ओर से सीएमओ को पत्र लिखा गया है।




डिजिटल एक्सरे, लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट के लिए टेक्नीशियन की तैनाती के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। शीघ्र ही तैनाती हो जाएगी और लोगों को इसका लाभ भी मिलने लगेगा। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन लगवाने के लिए भी पत्राचार किया गया है। - डॉ. माता प्रसाद राजपूत, अधीक्षक
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