झांसी। आय से अधिक संपत्ति जुटाने के मामले में पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव के खिलाफ विजिलेंस जांच तेज हो गई है। सतर्कता अधिष्ठान ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए अचल संपत्तियों की पड़ताल के अलावा पूर्व विधायक, उनके परिजन समेत उनकी कंपनियों के बैंक खातों की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच जल्द ही पूरी हो जाने की बात भी कही जा रही है।
गरौठा से विधायक रहे दीपनारायण सिंह यादव पर वर्ष 2006 से 2016 के दौरान खनन के माध्यम से अवैध संपत्ति जुुटाने का आरोप लगा है। शासन तक मामला पहुंचा था। इस पर अप्रैल 2021 में शासन की संस्तुति पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान ने जांच शुरू कराई। करीब चार महीने यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। अब पिछले कुछ दिनों से इस जांच में अचानक से तेजी आ गई। विजिलेंस टीम अब तक पूर्व विधायक एवं उनकी कंपनियों के स्वामित्व वाली अचल संपत्तियों की पड़ताल कर रही थी। अब उसने जांच का दायरा बढ़ाते हुए वित्तीय लेनदेन को भी इसमें शामिल कर लिया है। सतर्कता अधिष्ठान ने कुल 26 बैंक चिन्हित किए हैं जहां पूर्व विधायक अथवा उनकी कंपनियों के बैंक खाते संचालित किए जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही कि इन बैंक खातों के जरिए बेनामी संपत्ति जुटाई जा रही। विजिलेंस अफसरों के मुताबिक एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत अन्य बैंकों में इनकी तलाश की जा रही है। जिनके बैंक खातों की पड़ताल की जा रही उनमें फ्यूचर टैंक हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, बीडी बिल्डर एसोसिएट, मोना कंस्ट्रक्शन ग्रेनाइट, एसआर रेजीडेंसी प्राइवेट लिमिटेड, मूनसिटी स्केप बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड, रामदेवी प्राइवेट लिमिटेड, डीएसएस रियल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड, रामादेवी इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, डीएनए प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स मां पीतांबरा प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य प्रतिष्ठान शामिल बताए जा रहे हैं। विजिलेंस अफसरों का कहना है कि इनमें से कई बैंकों से ब्यौरे जुटा लिए गए हैं।
पूर्व विधायक दीपनारायण की संपत्ति एवं बैंक खातों का ब्योरा न केवल झांसी और आसपास के जिलों में बल्कि एनसीआर के गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव समेत अन्य जनपदों मेें भी खंगाला जा रहा है। लखनऊ मेें भी पूर्व विधायक की कंपनियों के नाम से कई बैंक खाते चल रहे हैं। विजिलेंस इनकी भी पड़ताल कर रही है।
मैंने अपने सभी बैंक खातों का ब्योरा पहले ही दे दिया है, जो दस्तावेज मुझसे मांगे गए, वह भी मैंने दे दिए। यह पूरी तरह से राजनीतिक विद्वेष के चलते झूठ के आधार पर गढ़ा गया मामला है। जनता मेरे उत्पीड़न का जवाब देगी।
दीपनारायण सिंह यादव
पूर्व विधायक, गरौठा