संवाद न्यूज एजेंसी
टोड़ी फतेहपुर। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पंचायत टोड़ी फतेहपुर में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए सुलभ शौचालय वर्षों से उपेक्षा का शिकार हैं। नगर के विभिन्न मोहल्लों में बने शौचालयों पर ताले लटके होने से तमाम लोग खुले में शौच को मजबूर हैं। इससे स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नगर पंचायत क्षेत्र में अलग-अलग क्षमता के दस शौचालयों का निर्माण लाखों रुपये की लागत से कराया गया था। इनका उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुलभ शौचालय सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत की उदासीनता के चलते ये शौचालय केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।
सभासदों का कहना है कि स्वच्छता मिशन के नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान कायाकल्प कर शौचालयों के ताले खोलकर साफ-सफाई कर व्यवस्था दुरुस्त दिखा दी जाती है, लेकिन अधिकारियों के लौटते ही दोबारा ताले लगा दिए जाते हैं। उनका आरोप है कि केवल कागजी व्यवस्थाएं दिखाकर वास्तविक स्थिति छिपाई जा रही है।
शौचालय परिसरों में नलकूप की व्यवस्था होने के बाद भी पानी उपलब्ध नहीं है। नियमित रखरखाव के अभाव में गंदगी व्याप्त रहती है। वर्तमान में नगर के मोहल्ला नजरगंज में स्थित केवल एक सुलभ शौचालय ही संचालित है।
सभासद राजकुमार दुबे, ओमप्रकाश व सभासद प्रतिनिधि राजेश कुशवाहा ने कहा कि शौचालय बंद रहने से नगर के तमाम लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। उन्होंने शौचालयों का सुचारू संचालन शुरू कराने की मांग की है।
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नगर पंचायत के अधिशासी को निर्देशित कर जांच कराई जाएगी। शौचालयों का नियमित रूप से संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- गौरव आर्या, एसडीएम-टहरौली