झांसी। बस स्टैंड के अंदर यात्रियों के ठहरने के लिए पांच साल पहले बना प्रतीक्षालय बेमतलब साबित हो रहा है। प्रतीक्षालय के दरवाजे पर ताला लटका रहता है। उसके चारों तरफ रोडवेज और प्राइवेट बसें खड़ी रहती हैं। भीषण ठंड में भी प्रतीक्षालय नहीं खोला गया। इससे सुबह और रात को भी बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों को बाहर ठिठुरना पड़ा। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस संबंध में रोडवेज प्रबंधन भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
झांसी और ललितपुर की सांसद रही पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पांच साल पहले अपनी सांसद निधि से इस प्रतीक्षालय का निर्माण कराया था। उस समय कहा गया था कि बसों का इंतजार करने वालों के लिए यहां ठहरने में आसानी होगी। निर्माण के बाद से ही उसके ताले नहीं खोले गए हैं। प्रतीक्षालय के आसपास गंदगी बनी रहती है। इसके अलावा चारों तरफ बसें भी खड़ी रहती हैं।
लोगों ने बताया कि इस प्रतीक्षालय का निर्माण 14 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। इसमें पंखे, वाशबेसिन आदि लगे हैं। निर्माण कराने के बाद आरईएस ने इसे नगर निगम को सौंप दिया था। नगर निगम को इसका संचालन करना था, लेकिन नगर निगम ने वहां पर किसी कर्मचारी की तैनाती नहीं की। इसलिए वहां पर ताला लगा रहता है।
बस स्टैंड पर इतनी दुर्गंध आती है कि बस का इंतजार करने के लिए रुका नहीं जा सकता है। - धर्मेंद्र
यात्री प्रतीक्षालय का यदि दरवाजा खुल जाए, तो यात्रियों को सुविधा हो जाएगी। - जगजीवन
केवल जेसीबी से कूड़ा उठाया जाता है, झाड़ू लगाने सफाई कर्मचारी नहीं आता है। - आमिर खान
प्रतीक्षालय के आसपास निजी बसे खड़ी रहती हैं, जिससे यात्रियों को बहुत परेशानी होती है। -राजकुमार